प्रसून जोशी बने सेंसर बोर्ड के नए चेयरमैन, पहलाज निहलानी की छुट्टी

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प्रसून जोशी का लिखा एड ठण्डा मतलब कोका कोला काफी लोकप्रिय हुआ था। (तस्वीर- एएफएक्यूएस)

एडफिल्म मेकर और गीतकार प्रसून जोशी भारतीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के नए चेयरमैन होंगे। जोशी पहलाज निहलानी की जगह लेंगे। निहलानी का कार्यकाल काफी विवादों से घिरा रहा है। प्रसून जोशी ने अपने करियर की शुरुआत विज्ञापन एजेंसियों में कॉपी राइटर के तौर पर की। आमिर खान पर फिल्माया गया मशहूर एड “ठण्डा मतलब कोका कोला” प्रसून मशहूर विज्ञापन कंपनी मैक्केन वर्ड ग्रुप इंडिया के सीईओ हैं। प्रसून ने लिखा था। 16 सितंबर 1971 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मे प्रसून को दो बार सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। प्रसून को पहली बार राष्ट्रीय पुरस्कार आमिर खान की फिल्म तारे जमीन पर (2007) के लिए और दूसरी बार चटगांव (2013) मिला था। प्रसून को कला जगत में उनके योगदान के लिए साल 2015 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया था।

प्रसून ने अपने करियर की शुरुआत मशहूर विज्ञापन कंपनी ओगल्वी एंड मैथर के दिल्ली ब्रांच से की। जाने-माने विज्ञापन फिल्म लेखक पीयूष पाण्डे प्रसून को गुरु थे। करीब 10 सालों तक ओगल्वी में काम करने के बाद प्रूसन मैक्केन एंड इरीक्सन चले गए। प्रसून ने अपने दो दशकों से लम्बे करियर में एनडीटीवी, कोका कोला, सफोला, एलजी, एल्पेनलीबे और क्लोरोमिंट इत्यादि ब्रांड के लिए विज्ञापन तैयार किए। ठण्डा मतलब कोका कोला के लिए उन्हें कान विज्ञापन महोतस्व में पुरस्कार मिला।

प्रसून ने 1999 में भोपाल एक्सप्रेस से अपना फिल्मी करियर शुरू किया लेकिन उन्हें बड़ी पहचान 2004 में सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की फिल्म हम तुम  से मिली। उसके बाद प्रसून ने रंग दे बसंती, तारे जमीन पर, फनाँ, दिल्ली-6, तेरी मेरी कहानी जैसी फिल्मों के गीत लिखे। प्रूसन जोशी ने सिल्क रूट के एल्बम डूबा डूबा रहता हूँ, शुभा मुद्गल के अब के सावन और मन के मंजीरे के लिए भी गीत लिखे हैं।

पहलाज निहलानी के विवादित बयानों और फैसलों के इतिहास को देखते हुए प्रसून जोशी से फिल्मकारों और दर्शकों सभी को बहुत उम्मीद होगी। आशा है कि वो अपने विज्ञापनों और गीतों की तरह सेंसर बोर्ड में भी नई रचनात्मकता को जगह देंगे।