सांवले नैन-नक्श वाली स्मिता आज भी यादों में है

smita patil B'Day Special

उसमें एक अल्हड़ सी मासूमियत थी, 70 के दशक में सांवले नैन-नक्श लिए वो जब रूपहले पर्दे पर आती थी तो हर युवा उसमें अपनी प्रेमिका को तलाशता था. 80 के दशक का हर अभिनेता उसके साथ काम करना चाहता था. वो सच में आकर्षक प्रतिभा की धनी थी. वो थी स्मिता पाटिल.

हिंदी सिनेमा को एक नई पहचान देने वाली स्मिता पाटिल का जन्म 17 अक्टूबर 1956 में हुआ था. लगभग 10 साल के फिल्मी सफर में स्मिता ने सैलूलॉयड पर अपनी ऐसी छाप छोड़ी की फिल्म इंडस्ट्री में आज भी सुंदरता के पैमाने पर स्मिता का नाम सबसे पहले लिया जाता है.

31 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली स्मिता का अभिनय इतना बेजोड़ था कि समानांतर सिनेमा के साथ-साथ व्यावसायिक सिनेमा में उनका दखल लगभग समान था. स्मिता का जन्म महाराष्ट्र के पुणे (पूना) के राजनीतिज्ञ शिवाजीराव गिरधर पाटिल के यहां हुआ था. उनकी मां का नाम विद्याताई पाटिल था.

स्मिता ने अपने करियर की शुरूआत समाचार वाचक के तौर पर की. 70 के दशक में स्मिता बतौर न्यूज रीडर मुंबई दूरदर्शन के लिए काम करती थीं. स्मिता पाटिल को फिल्मों में लेकर आए मशहूर फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल. बेनेगल ने स्मिता को पहला ब्रेक दिया साल 1975 में अपनी फिल्म ‘निशांत’ में.

इसके बाद साल 1976 में फिल्म ‘मंथन’ और साल 1977 में फिल्म ‘भूमिका’ में निभाए गए अभिनय से स्मिता फिल्म इंडस्ट्री में पूरी तरह से स्थापित हो गईं. इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि ये तीनों फिल्में श्याम बेनेगल की ही हैं और फिल्म ‘भूमिका’ में अभिनय के लिए स्मिता को पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला. फिल्म ‘भूमिका’ में स्मिता ने औरत के जटिल मनोविज्ञान को बड़े पर्दे पर उकेरने की कोशिश की. स्मिता को साल 1981 में दूसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मराठी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार जयवंत दलवी की किताब पर आधारित फिल्म ‘चक्र’ के लिए मिला.

स्मिता पाटिल ने राज बब्बर से शादी की. राज बब्बर के साथ उनकी पहली फिल्म ‘भीगी पलके’ थी. इस फिल्म की शूटिंग के समय ही स्मिता को राज से मोहब्बत हो गई, दोनों एक दूजे के प्रेम-बंधन में बंधते चले गए. यह नजदीकी उनकी फिल्मों ‘तजुर्बा’, ‘शपथ’, ‘हम दो-हमारे दो’, ‘आनन्द और आनन्द’, ‘पेट, प्यार और पाप’, ‘आज की आवाज’ और ‘जवाब’ जैसी फिल्मों से होती हुई शादी तक पहुंच गयी.

चूंकि राज बब्बर पहले से विवाहित थे, यही कारण था कि स्मिता के परिवार वाले इस शादी के विरोध में थे. कई लोगों ने स्मिता पर राज बब्बर और नादिरा बब्बर की शादी तुड़वाने का भी आरोप लगाया. खुद स्मिता की मां का भी कहना था कि महिलाओं के अधिकार के लिए लड़ने वाली स्मिता आखिर कैसे किसी और का घर तोड़ सकती है. इतने सबके बावजूद स्मिता ने परिवार और दुनिया की परवाह न करते हुए चेन्नई (मद्रास) के एक मन्दिर में राज से शादी कर ली. लेकिन राज का साथ वह ज्यादा दिनों तक नहीं निभा पाईं. स्मिता ने 28 नवम्बर को बेटे प्रतीक को जन्म दिया और उसके 15 दिन बाद 13 दिसम्बर 1986 को वह चल बसीं.