ईरान: मोहसिन मखमलबाफ की बैन फिल्म 26 साल बाद हुई रिलीज

ईरान की फिल्म द नाइट्स ऑफ जायान्देह रोड (The Nights of Zayandeh-rood) 26 साल के लंबे अतंराल के बाद आखिरकार सिनेमा प्रेमियों के लिए रिलीज हो गई. इस फिल्म को ईरान के जानेमाने फिल्म डायरेक्टर मोहसिन मखमलबाफ ने साल 1990 में बनाया था, लेकिन ईरान फिल्म के सेंसर विभाग ने इस फिल्म को रिलीज की अनुमती नहीं दी थी.

यह फिल्म एक एंथ्रोपोलॉजी विशेषज्ञ और उनकी बेटी के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म की कहानी साल 1979 की है, जब जब ईरान में इस्लामिक क्रांति हो रही है और उसकी वजह से उस समय के हालात बड़े ही तनावपूर्ण थे. इस फिल्म ने 90 के दशक में ईरान में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था. आलम ये था कि कट्टरपंथियों के द्वारा फिल्म के डायरेक्टर मखमलबाफ को जाने से मारने की धमकी भी दी गई.

जिसके खौफ से फिल्म डायरेक्टर मोहसिन मखमलबाफ को ईरान छोड़कर भागना पड़ा था और वो लंदन में एक निर्वासित की तरह अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं. साल 1990 में तेहरान फिल्म फेस्टिवल में दिखाने के लिए सेंसर बोर्ड ने इस 100 मिनट अवधि वाली फिल्म में से 25 मिनट के दृश्य को जबरदस्ती हटा दिया. उसके बाद ही फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी गई.

उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म जल्द ही भारत में भी दिखाई जाएगी और सिनेमा के दर्शकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है. वैसे इससे पहले ऑस्कर विजेता फिल्म डायरेक्टर माजिद मजिदी की फिल्म ‘मोहम्मद- मैसेंजर ऑफ गॉड’ पर भी काफी विवाद हुआ था. माजिद मजिदी की वह फिल्म सरकारी खर्चे पर बनी थी और कुल लागत आई थी 253 करोड़ रुपए (40 मिलियन USD).

बताया जाता है कि वह भी ईरान की सबसे महंगी फिल्म थी. ईरान की मैग्जीन ‘हिजबुल्लाह लाइन’ से बातचीत में माजिदी ने कहा था कि, ”मैंने वेस्टर्न देशों में इस्लाम को लेकर डर को बढ़ता हुए देख कर इस फिल्म को बनाने का फैसला लिया.”मजिदी के मुताबिक, वेस्ट के देशों में इस्लाम को हिंसा और आतंकवाद से जोड़ा जाता है। यह फिल्म इन धारणाओं को तोड़ेगी.