FTII की तैयारी के लिए 5 टिप्स

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कुमार अव्यय

भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (FTII) की तैयारी एक कठिन चुनौती है। कठिन इसलिए क्योंकि तैयारी करने के लिए जब आप कहीं से या किसी से ये जानना चाहेंगे कि “तैयारी कैसे करें?” तो वो इसका ठीक-ठीक जवाब नहीं दे पाएगा। और ऐसा इसलिए है क्योंकि तैयारी के लिए कोई भी निश्चित पाठ्यक्रम (syllabus) नहीं है। फिर भी FTII की तैयारी के लिए जो बातें बताई जा सकती हैं या कह सकते हैं कि पढ़नी चाहिए वो इस प्रकार से हैं।

1. सिनेमा- आपको भारतीय सिनेमा के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए । आपको कोई एक्सपर्ट होने की जरुरत नहीं पर आपको सिनेमा और भारत में सिनेमा के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण पड़ावों और घटनाओं की जानकारी होनी चाहिए। याद रखें कि एफटीटीआई में सिनेमा की पढ़ाई होती है, केवल हिन्दी सिनेमा की नहीं। इसलिए यहाँ भारतीय सिनेमा से मतलब यहाँ की सभी भाषाओं में बनी फिल्मों से है। आपको भारतीय भाषाओं के सभी महत्वपूर्ण निर्देशकों की फिल्मों की जानकारी होनी चाहिए। अगर  किसी फिल्म का कोई किरदार बहुत महत्वपूर्ण रहा हो तो उसे ध्यान रखें, जैसे सत्यजित राय के पाथेर पंचाली का किरदार अप्पू।

अगर चर्चित फिल्म किसी किताब पर आधारित है तो आपको उसका भी पता होना चाहिए, जैसे सत्यजीत राय की पाथेर पंचाली बांग्ला के महत्वपूर्ण लेखक विभूति नारायण बंदोपाध्याय के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है। अगर आपने किताब पढ़ रखी हो तो सोने पर सुहागा।

भारतीय सिनेमा के साथ आपको “विश्व सिनेमा” की जानकारी होनी जरुरी है, खासकर उससे जुड़ा ताजा खबरों की। विश्व सिनेमा से जुड़े महत्वपूर्ण पुरस्कारों पर भी आपको लगातार नजर रखनी होगी। सिनेमा के विभिन्न विधाओं में किसे-किसे इनाम मिला है और क्यों मिला है इसकी आपको जानकारी होनी चाहिए।

2. साहित्य- सिनेमा का साहित्य से गहरा नाता है इसलिए एफटीटीआई में प्रवेश लेने वाले छात्रों से साहित्य की सामान्य से बेहतर समझ की उम्मीद की जाती है। इसलिए आपको अपनी भाषा के अलावा अंग्रेजी एवं अन्य भाषाओं के महत्वपूर्ण लेखकों और उनकी किताबों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। जिन किताबों पर फिल्में बनी हैं उन पर आपको विशेष ध्यान रखना चाहिए।

3. चित्रकला, संगीत इत्यादि कलाएं- सिनेमा और साहित्य के अलावा यदि आपको चित्रकला, संगीत इत्यादि कलाओं की जानकारी है तो आप एफटीटीआई की प्रवेश परीक्षा एवं इंटरव्यू में अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकल सकते हैं। आम तौर पर फिल्म प्रेमियों को चर्चित फिल्मों के हिरो-हिरोइन के ही नाम याद रहते हैं। उसके बाद निर्देशक का नंबर आता है। लेकिन फिल्म के छात्रों के लिए हिरो-हिरोइन और निर्देशक के अलावा फिल्म निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले एिडटर, कैमरामैन, संगीतकार के साथ  साउंड डिजाइनर के नाम पर भी तवज्जो देनी चाहिए।

4. सिनेमा की भाषा- फिल्म, साहित्य एवं अन्य कलाओं के बारे में सैद्धांतिक जानकारियों के अलावा आपको फिल्म की बुनियादी भाषा शॉट, सीन, सिक्वेंस, कोलाज, मोंटाज इत्यादि के बारे में भी पता होना चाहिए। फिल्म निर्माण से जुड़े इन बुनियादी चीजों की परिभाषा के साथ ही आपको इनसे जुड़े उदाहरण भी याद होने चाहिए। मसलन, मोंटाज की परिभाषा के साथ किसी फिल्म में देखे प्रभावशाली मोंटाज को याद रखें।

5. सामान्य घटनाक्रम- एफटीआईआई के टेस्ट में ऑब्जेक्टिव (वस्तुनिष्ठ) और सब्जेक्टिव (विस्तृत उत्तर वाले) दोनों तरह के सवाल पूछे जाते हैं। विस्तृत उत्तर वाले सवालों के जवाब के लिए आपको सामान्य घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए। मसलन, एफटीआईआई के छात्रों और प्रशासन के बीच हुए टकराव पर आपको अपना नजरिया लिखने को कहा जा सकता है। विस्तृत उत्तर वाले वर्ग में आपको हाल ही में रिलीज किसी फिल्म का विश्लेषण लिखने को भी कहा जा सकता है। इन सबके अलावा आप जिस निर्देशक, सिनेमैटोग्राफर, एडिटर और साउंड डिजाइनर को पसंद करते हैं उस पर आपको विस्तार से लिखने को कहा जा सकता है।

अब एफटीआईआई की तैयारी का कोई तय पैटर्न नहीं है इसलिए आपको ज्यादा तैयार रहने की जरूरत होगी। मुझे लगता है अगर इतनी सारी बातें आप ध्यान में रखेंगे तो लिखित परीक्षा निकालना इतना मुश्किल नहीं लगेगा । तो खूब मज़े से पढ़िए सिनेमा, साहित्य और कला पर अपनी नज़र बनाये रखिये। सिनेमा, साहित्य और कला प्रेमियों से मिलये, उनसे संवाद करिए। उनका नजरिया जानने की कोशिश कीजिये, अपना नजरिया रखिये । उम्मीद रखिये रास्ता आसान होगा।

(लेखक एफटीटीआई से फिल्म सिनैमेटोग्राफी का कोर्स कर चुके हैं।)