जब हैरी मेट सेजल: न मिलते तो अच्छा था

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जब हैरी मेट सेजल इम्तियाज अली की शाहरुख खान के साथ पहली फिल्म है। (तस्वीर- फिल्म पोस्टर)

“जब हैरी मेट सेजल” शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की सबसे बुरी फिल्म है या नहीं इस पर बहस हो सकती है। लेकिन इम्तियाज अली की ये अब तक सबसे घटिया फिल्म है इस पर शायद ही किसी को ऐतराज हो। शाहरुख खान किंग ऑफ रोमांस हैं और इम्तियाज अली मोहब्बत के रॉकस्टार। ऐसे में दर्शकों को उम्मीद थी कि हर बार तरह इम्तियाज इस बार भी अपनी आजमायी हुई थीम पर एक मनोरंजक फिल्म पेश करेंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इम्तियाज की फिल्म हीरो और हिरोइन (अनुष्का शर्मा) एक अंगूठी खोजते रहे और दर्शक कहानी, प्लॉट, ट्विटस्ट, टर्न, इमोशन, ड्रामा। फिल्म में इसमें से कुछ भी नहीं मिला। कोढ़ में खाझ ये हुआ कि शायद इम्तियाज अली की ये पहली फिल्म है जिसमें कोई भी गुनगुनाने लायक गीत नहीं है।

फिल्म की कहानी एक टूरिस्ट गाइड और मुंबई की गुजराती लड़की की प्रेम कहानी है। फिल्म यूरोप के कई देशों में हीरो-हिरोइन के साथ दर्शकों को सैर कराती है लेकिन दर्शक किसी भी शहर को ठीक से नहीं देख पाते क्योंकि हर फ्रेम के बीचों-बीच में हिरो-हिरोइन खड़े होते हैं। अनुराग कश्यप की बॉम्बे वेलवेट, विशाल भारद्वाज की रंगून के बाद अब इम्तियाज अली बड़े स्टार के साथ बड़ी फिल्म बनाकर अपने चाहने वालों को बुरी तरह निराश किया है।

फिल्म से जुड़ी एक मात्र अच्छी बात ये हुई है कि ये बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई है। फिल्म ने अभी तक करीब 22 करोड़ रुपये ही कमाए हैं। सलमान खान के ट्यूबलाइट के बॉक्स ऑफिस पर फेल होने के बाद शाहरुख की इस फिल्म का पिटना शुभ संकेत है। उम्मीद है कि बॉलीवुड के सुल्तान और बादशाह इन अनुभवों से सबक लेंगे और कम से कम अपने फैंस का तो ख्याल रखेंगे।