नेपोटिज़्म पर बोले अमाल, कहा ‘सलमान ख़ान से मिलने के लिए 7 घंटे इंतज़ार करना पड़ा था’

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में भाई-भतीजा वाद (Nepotism) को लेकर बहस ने आग पकड़ ली है। इस बहस में कूदते हुए सरदार मलिक के पोते और अन्नू मलिक के भतीजे अमाल मलिक ने कहा है कि फेमस सरनेम होने के बावजूद उन्हें स्ट्रगल करना पड़ा था।

सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से मुंबई फ़िल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज़्म की बहस ने जोर पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई सेलेब्रिटीज़ को निशाना बनाया जा चुका है, जो किसी मशहूर फ़िल्मी फैमिली से बिलोंग करते हैं। वहीं अब दूसरी ओर, अब स्टार किड्स ने भी इस विषय पर आवाज उठानी शुरू कर दी है। अब आप सिंगर-कंपोज़र अमाल मलिक को ही ले लीजिए,  इन्होने एक इंटरव्यू में कहा कि जिन लोगों के पीछे किसी बड़े नाम का टैग होता है, उन्हें अधिक पापड़ बेलने पड़ते हैं।

बता दें कि अमाल मलिक हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के एक बेहद प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं। अमाल, सिंगर-एक्टर-म्यूज़िक कंपोज़र डब्बू मलिक के बेटे और अनु मलिक के भतीजे हैं। वहीं, उनके दादा सरदार मलिक 50 और 60 के दौर के बेहद सफल म्यूज़िक कंपोज़र रहे थे। सरदार मलिक ने ठोकर, औलाद, सारंगा, बचपन और जंतर मंतर जैसी फ़िल्मों में संगीत दिया था।

सरदार मलिक के पोते का ‘संघर्ष’

एक इंटरव्यू के दौरान हुई बातचीत में अमाल ने कहा- ‘अपने पिता के प्रति पूरे सम्मान के साथ मैं यह कहना चाहता हूं कि वो बहुत बड़े कंपोज़र नहीं थे। जैसी सफलता मेरे अंकल अनु मलिक को मिली, उन्हें वैसी कामयाबी हासिल नहीं हुई। इसलिए ऐसा नहीं था कि उनके एक कॉल करने से मुझे काम मिल गया। उन्होंने अपने हिस्से का काम किया और कुछ सफल भी रहे’।

अमाल ने आगे कहा कि बहुत से लोग सोचते होंगे, मेरे नाम के आगे मलिक टैग लगा है तो काम मिलना आसान होगा, लेकिन ऐसा सही नहीं है। मैं जानता हूं कि यहां काम कैसे होता है। मैंने अपने परिवार की असफलता देखी है। इसलिए मुझे पता है कि काम कैसे किया जाता है। उन्होंने बताया कि, मैं 19 साल की उम्र से काम करना शुरू किया, लेकिन 24 साल में मुझे पहली फ़िल्म मिली।

जब सलमान ख़ान से मिलने के लिए  करना पड़ा था 7 घंटे इंतज़ार 

अमाल बताते हैं कि वो अपना संगीत सुनाने सलमान ख़ान से मिलने अपने भाई और मां के साथ उनकी फ़िल्म के सेट पर गये थे। अपनी सीडी सुनाने के लिए हमें सात घंटे इंतज़ार करना पड़ा था। हम यह नहीं चाहते थे कि कोई इसकी तारीफ़ करे बल्कि हम अपना संगीत किसी से लॉन्च करवाना चाहते थे और संगीत अच्छा था, इसलिए उन्होंने हमें मौक़ा दिया गया।

बतातें चले की हाल ही में टी-सीरीज़ के लिए अमाल मलिक ने ‘ज़रा ठहरो’ गाना कंपोज़ किया है, जिसे उनके भाई अरमान और तुलसी कुमार ने गया है, वहीं पिता डब्बू मलिक ने डायरेक्ट किया है। ये गाना सोमवार को रिलीज़ होने वाला था, मगर सुशांत सिंह राजपूत की आख़िरी फ़िल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर इसी दिन रिलीज़ होने के चलते उनके सम्मान में गाना दो दिन के लिए टाल दिया गया है। इस बारे में अमाल मलिक ने अपने इंस्टाग्राम पर बताया है।