पुरातात्विक महत्व की इमारतों को शूटिंग के लिए जल्द खोलेगी सरकार

एएसआइ पुरातात्विक महत्व की जगहों पर शूटिंग की देगी इजाजत

लव आजकल के कुछ दृश्य पुराने किले में फिल्माए गए
लव आजकल के कुछ दृश्य पुराने किले में फिल्माए गए

कोरोना की वजह से भारी नुक्सान में चल रहे भारतीय फिल्मोद्योग के लिए थोड़ी राहत की खबर है. अब फिल्मवाले पुरातात्विक महत्व की इमारतों और परिसरों में फिर से शूटिंग कर पाएंगे.

केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने इस बात की पुष्टि की है कि एएसआइ यानी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, पुरातत्व स्थलों में फ़िल्म की शूटिंग की अनुमति देने के लिए काम कर रहा है.

यह अनुमति 15-20 दिनों के भीतर दी जा सकती है.

दुनियाभर में कोरोना संकट की वजह से हर क्षेत्र में संकट है. सरकार और पर्यटन मंत्रालय भी कोरोना संकट से निकलने की कोशिश कर रही है. एक तरफ महामारी की चुनौती है, तो दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था की स्थिति दयनीय होती जा रही है. इस बीच पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय की तरफ से आए इस आश्वासन से एक राहत की खबर हो सकती है.
पटेल ने फिक्की फ्रेम्स 2020 कार्यक्रम में यह बातें कहीं. पटेल ने भरोसा दिलाया कि सरकार की फिल्मोद्योग को हर तरह से सहयोग देगी.

पटेल ने कहा, “इस समय सरकार बॉलीवुड इंडस्ट्री का सहयोग और समर्थन करने के लिए सभी सम्बंधित हितधारकों और सम्बंधित मंत्रालयों से बात कर रही है. सब मिलकर काम कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “ मैं फ़िल्म शूट की योजना बनाते समय अनजाने किस्म के ऐतिहासिक स्मारकों को शामिल करने और बढ़ावा देने के लिए उद्योग से आग्रह करूंगा.”

पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने फ़िल्मों के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपील की और फिल्मकारों से कहा कि भारतीय फ़िल्म जगत को और अधिक घरेलू जगहों का पता लगाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके लिए पूर्वोत्तर और हिमालयी क्षेत्रों की और ध्यान देना जरूरी होगा.

पटेल ने कहा कि हमें अपने नागरिकों को अपने देश के बारे में अधिक-से-अधिक जानकारी देनी होगी. कोविड-19 ने हमें भारतीय जीवनशैली की अहमियत समझाई है.

पटेल के मुताबिक, दुनिया ने भारतीय पारंपरिक स्वास्थ्य तकनीकों का सम्मान करना शुरू कर दिया है. और सभी लोग भारतीय संस्कृति और परंपरा को अपनाने लगे हैं.

हालांकि, पटेल मंत्री होने के नाते कुछ भी कहें, पर सचाई यही है कि एक फिल्मकार के लिए दिल्ली के पुराने किले में शूटिंग की इजाजत हासिल करने से आसान होता है किसी यूरोपीय देश में जाकर शूटिंग कर लेना. वीरजारा के संदर्भ में इसका जिक्र करते हुए यह बात आदित्य चोपड़ा ने भी कही थी.

इसकी एक मिसाल मुंबई में किसी सड़क पर एक घंटे की शूटिंग की फीस करीबन 80,000 रुपए चुकानी होती है. जबकि यूरोप में यह मुफ्त है.