सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अगस्त में सिनेमाघरों को खोलने का गृह मंत्रालय को दिया सुझाव

कोरोना वायरस से पूरे देश में संकट की घड़ी छाई हुई है. कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने 25 मार्च को देश में लॉकडाउन लगा दिया. लगाए गए लॉकडाउन से सिनेमा उद्योग पर काफ़ी बुरा असर पड़ा है. इस पर संज्ञान लेते हुए भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से सिनेमा घरों को अगस्त तक खोलने का सुझाव दिया है.

शुक्रवार को सीआईआई यानी कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री की मीटिंग दिल्ली में आयोजित किया गया. इस मीटिंग में सिनेमा उद्योग को संकट से बाहर निकालने पर चर्चा किया गया. सिनेमा घरों को दोबारा खोलने की बात हुई.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे ने सीआईआई मीडिया कमिटी को पूरी चर्चा की जानकारी साझा किया.

खरे ने बताया कि उन्होंने सुझाव में कहा है कि जल्द से जल्द सिनेमा घरों को खोल दिया जाए. सिनेमा घरों के बंद होने से फ़िल्म इंडस्ट्री को काफ़ी घाटा हो रहा है.

आगे कहा कि कम से कम 1 अगस्त से पूरे देश के सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दी जाए. कितनी भी देरी हो तो भी,कैसे भी 31 अगस्त तक यह अनुमति सरकार को दे देनी चाहिए.

मंत्रालय ने सिनेमा घरों में एक सीट और एक रो खाली छोड़कर दर्शकों को बैठाने का सुझाव दिया है. पच्चीस फ़ीसदी दर्शकों के साथ सिनेमा घरों को चालू किया जाए. इस नियम को पूरे देश के सिनेमाघरों में सख्ती से लागू किया जाए.

खरे ने बताया कि उन्होंने गृह सचिव अजय भल्ला से इस बारे में बात की है. वही इस पर अंतिम फ़ैसला लेंगे. सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सुझावों पर गृह मंत्रालय गंभीरता से विचार कर रही है.

हालांकि अब तक गृह मंत्रालय की तरफ से अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है.

इस मीटिंग में सनेमाघरों के मालिक भी मौजूद थे. उन्होंने इस सुझाव का विरोध किया है. उनके मुताबिक़ मंत्रालय के इस फैसले से सिनेमा घरों के मालिकों को कोई लाभ नहीं मिलेगा. बल्कि और अधिक घाटा होगा.

आगे कहा कि केवल पच्चीस फ़ीसदी दर्शकों के साथ सिनेमाघरों को चलाने से अच्छा है कि उन्हें बंद ही रखा जाए. सरकार को कोई और तरीक़ा सोचना चाहिए, जिससे हमारे घाटे की भरपाई को सके.

सिनेमा घरों के मालिकों के मुताबिक़ बॉक्स ऑफिस से लेकर सिनेमाघरों में प्रवेश और फ़िल्म देखकर बाहर निकलने तक सब कुछ नए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के साथ तैयार है. संक्रमण से बचने के लिए सिनेमा घरों को सही ढंग से सेनिटाइज किया गया है. कदम-कदम पर संक्रमण से बचने के लिए जरूरी उपाय और एतिहात बरतने का दावा किया गया है. पेपरलेस टिकट की बात कही है.

मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के निदेशक देवांग संपत के मुताबिक़ जैसे ही कोई दर्शक सिनेमा घर के  एंट्री पॉइंट पर आते हैं, थर्मल स्क्रिनिग होगी. तापमान ज्यादा होगा तो प्रवेश नहीं दिया जाएगा. फिर क्यूआर कोड से टिकट चैकिंग होगी. सेनिटाइजर से हाथ साफ करने होंगे. सेनिटाइजर मशीन हाथ से नहीं पैडल वाली होगी.

आगे बताया कि सिनेमाघर में जाने के बाद कुछ खाने का मन तो करता ही है. संपर्क से बचने के लिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन आर्डर दे सकते हैं. खास बात है कि पॉपकॉर्न भी बंद डिब्बे में मिलेगा. मॉस्क, फेस शील्ड सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है. वॉशरूम में भी सोशल डिस्टनस का इंतजाम है. सिनेमा हाल में जाते समय भी दरवाजा खोलने की अलग से व्यवस्था होगी और हर शो के बाद पूरा हॉल सेनिटाइज किया जाएगा.

बता दें सिनेमाघरों का कारोबार, सीने उद्योग की कमाई में 60 फीसदी योगदान देता है. लगभग तीस से अधिक फ़िल्में सिनेमा घरों में रिलीज़ होने का इंतज़ार कर रही हैं. अकेले सिनेमा के टिकटों की बिक्री से रोजाना लगभग 30 करोड़ रुपये की कमाई होती है. उम्मीद है जल्द ही दर्शक कुछ सावधानी रखकर सिनेमा घरों में फ़िल्म देखने का मज़ा उठा पाएंगे.