आईएसएम एडुटेक के ब्रांड एंबेसडर बने अभिनेता सोनू सूद

आईएसएम एडुटेक के संस्थापक डॉ. फणी भूषण पोटू ने भी सोनू सूद की तारीफ की है. यह संस्था भी सोनू सूद की तरह बच्चों की मदद करता है. इस संस्था का उद्देश्य यह है कि जो छात्र अधिक फीस होने की वजह एडमिशन नहीं ले पाते, ऐसे बच्चों को शिक्षा हासिल करने में मदद करना.

आईएसएम एडुटेक छात्रों को अध्ययन और सीखने के लिए सुरक्षित वातावरण की सुविधा के साथ शिक्षा देने के लिए प्रयासरत है और इसे वह पूरा भी करता है. 
आईएसएम एडुटेक छात्रों को अध्ययन और सीखने के लिए सुरक्षित वातावरण की सुविधा के साथ शिक्षा देने के लिए प्रयासरत है और इसे वह पूरा भी करता है. 

बाॅलीवुड अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) ने लाॅकडाउन के समय प्रवासी मजदूरों और बच्चों की हर तरह से मदद किए. लोगों का दिल जीत लिया. मदद करने का सिलसिला अभी भी चल ही रहा है. सिर्फ़ मज़दूर ही नहीं हर किसी की मदद कर रहे हैं.

इस महामारी में सोनू सूद के कामों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हो रही है. आईएसएम एडुटेक (ISM edutech) के संस्थापक डॉ. फणी भूषण पोटू (Dr. Phani Bhushan Potu) ने भी सोनू सूद की तारीफ की है. यह संस्था भी सोनू सूद की तरह बच्चों की मदद करता है. इस संस्था का उद्देश्य यह है कि जो छात्र अधिक फीस होने की वजह एडमिशन नहीं ले पाते, ऐसे बच्चों को शिक्षा हासिल करने में मदद करना. इस संस्था ने सोनू सूद को ब्रांड एंबेसडर बनाया है.

आईएसएम एडुटेक के संस्थापक डॉ.फणी भूषण पोटू का कहना है कि आईएसएम के माध्यम से 10,000 से अधिक छात्रों ने सफलतापूर्वक हमारी अच्छी तरह से नियोजित प्लेसमेंट और करियर प्रबंधन योजनाओं और प्रयासों के माध्यम से विभिन्न देशों में अपनी एमबीबीएस की डिग्री और अन्य पोस्ट ग्रेजुएशन के प्रमाणपत्र हासिल किए हैं.

बता दें कि चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा शिक्षा, प्रवेश और प्रशिक्षण सेवाओं के क्षेत्र में भारत के प्रमुख शिक्षा सलाहकारों और प्रशिक्षण संगठनों में से आईएसएम एडुटेक का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है. इस संस्था के संस्थापक डाॅ.फणी भूषण पोटू बात करें तो वो कजाकिस्तान से डाॅक्टरी की पढ़ाई कर चुके हैं. पढ़ाई पूरी करने बाद से ही समाजसेवा में लग गए. उन्होंने अधिक से अधिक डॉक्टर तैयार करने और समाज को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए अनूठा मार्ग अपनाया है. उनकी मंशा चिकित्सा शिक्षा को सस्ती और देश के हर परिवार तक पहुंचाने की है.

इसके साथ ही उनकी योजना उन छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की है, जो वास्तव में प्रतिभाशाली हैं और गरीबी रेखा के नीचे हैं. डॉ. फणी भूषण शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और दुनिया भर के विभिन्न देशों में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं.

बता दें सोनू सूद जरुरतमंद लोगों के लिए मसीहा बनकर आए हैं. इस महामारी के दौरान मई 2020 में सोनू सूद ने दूरदाराज के क्षेत्रों में फंसे हुए हजारों भारतीय प्रवासी कामगारों को उनके घरों तक पहुंचाने में मदद की. इसके साथ ही सोनू सूद ने एक चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था कर जुलाई 2020 में किर्गिस्तान में फंसे 1,500 से अधिक भारतीय छात्रों को बिश्केक से वाराणसी घर लाने का प्रबंध किया था.

कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के बीजापुर जिले की एक आदिवासी लड़की की मदद के लिए आगे आए थे. लड़की ने पिछले कई दिनों से बस्तर में हो रही लगातार बारिश के चलते अपना घर और किताबें खो दी. उस लड़की को नया घर और नई किताबें देने का वादा किया.

इससे पहले सोनू सूद फिलीपींस से 39 बच्चों को लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए भारत लाए थे. इसकी जानकारी सोनू सूद ने ट्वीटर पर दी थी. फैंस इस नेक काम के लिए उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.

सोनू से बिहार के एक युवक की भी मदद की. बिहार के जमुई जिले के एथलीट सुदामा यादव को पिछले साल मार्च महीने में हांगकांग में वार्मअप के दौरा घुटने में चोट लग गई थी. तब से वे घुटने के दर्द से परेशान चल रहे थे.

एक युवक ने सोनू सूद ने यूपीएससी की किताब के लिए मदद मांगी थी. उन्होंने तुरंत मदद की. कहा कि आप अपने घर का पता भेज दीजिए. आपके घर किताबें पहुंच जाएंगी.

उन्होंने लोगों से अपील किया कि जरुरतमंदों की मदद करने में जो लोग सक्षम हैं वे प्लीज सामने आएं. अपने नजदीक के अस्पताल में भर्ती किसी मरीज को गोद लें या फिर कम से कम उनकी दवाओं का खर्च उठाएं.

सोनू सूद ने मजदूरों को तीन लाख नौकरियां दिलवाने में मदद करने का दावा कर चुकें हैं. उसके बाद एक लाख और नई नौकरियां देने का वादा किया.

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने बताया है कि वो हर प्रवासियों को नौकरी दिलवाले में मदद करेंगे. सोनू सूद ने जॉब हंट ऐप और वेबसाइट लॉन्च किया है. जिसका नाम है ‘प्रवासी रोजगार. जिसके तहत वह बिहार और असम में बाढ़ से प्रभावित लोग जो नौकरियों से हाथ धो चुके हैं. वो उनको नौकरी दिलाने में मदद करेंगे.

अभिनेता सोनू सूद ने बस, ट्रेन, फ्लाइट हर प्रकार से लोगों को उनके घर तक पहुंचाया. इतना ही नहीं वह लगातार काम में लगे हुए हैं और विभिन्न प्रकार से लोगों की मदद कर रहे हैं. सोनू ने किसान को बैल देकर मदद किए तो किसी को ट्रैक्टर दिया ताकि वह खेती कर सकें.

हाल ही में वो हैदराबाद की एक लड़की शारदा की मदद करते नजर आए. इस लड़की कि कोरोना की वजह से नौकरी चली गई थी. सोनू सूद को इसकी जानकारी सोशल मीडिया से मिली. उन्होंने उसकी मदद करते हुए उसे जॉब का लेटर भी भेज दिया.

पंजाब में तरनतारन जिले के गांव पंडोरी गोलां में जहरीली शराब पीने से सुखदेव सिंह की मौत हो गई थी. सदमे में उसकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया था. दंपती की मौत के बाद अनाथ हुए उनके चार बच्चों की मदद के लिए आगे आए थे.

सोनू सूद ने एक ट्वीट करके चारों बच्चों करणवीर, गुरप्रीत, अर्शदीप और संदीप की जिम्मेदारी उठाने का विश्वास दिलाया है. सोनू ने ट्वीट किया था कि इन छोटे बच्चों के पास जल्द ही एक शानदार घर, अच्छा स्कूल और शानदार भविष्य होगा.

116 लड़कियां केरल के एर्नाकुलम‌ की एक स्थानीय फैक्टरी में सिलाई और कढ़ाई-बुनाई का काम करती थीं.  सोनू सूद को भुवनेश्वर में एक करीबी दोस्त द्वारा इन लड़कियों की स्थिति से अवगत कराया गया. नौकरी चली गई है. काम-धंधे बंद हैं. इनका मदद कीजिए. इन्हें घर तक पहुंचा दीजिए. सोनू सूद ने तुरंत मदद किया. उन लड़कियों को उनके घर उड़ीसा पंहुचाया.