कंगना रनौत ने एक बार फिर करण जौहर पर साधा निशाना, कहा- करण जौहर से पद्म श्री वापस लिए जाए

बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की फ़िल्म ‘गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल’ 12 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई. रिलीज होते ही इस फिल्म को लेकर भारतीय वायु सेना ने आपत्ति जताई थी.

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही बाॅलीवुड में भाई-भतीजावाद की बहस छिड़ी हुई है. अभिनेत्री कंगना रनौत ने नेपोटिज्म को लेकर कई कलाकारों को घेरा है. करण जौहर पर लगातार भाई-भतीजवाद का आरोप लगा रही हैं.

एक बार फिर उन्होंने करण जौहर पर निशाना साधा है. करण की आलोचना करते हुए भारत सरकार से मांग की है कि सरकार, करण जौहर का पद्म श्री अवाॅर्ड वापस ले.

कंगना ने ट्वीट करते हुए कहा कि करण ने सुशांत सिंह का करियर बर्बाद किया है. साथ ही लिखा है कि करण जौहर हमेशा पाकिस्तान का समर्थन करते हैं.

कंगना ने ट्वीट करते हुए लिखा,

“मैं भारत सरकार से निवेदन करती हूं कि करण जौहर से पद्म श्री वापस लिए जाए. करण ने मुझे खुलेआम धमकी दी थी. और कहा था कि कंगना को बाॅलीवुड छोड़ देना चाहिए. साथ ही उन्होंने सुशांत सिंह का करियर बर्बाद किया. करण हमेशा पाकिस्तान का समर्थन करते हैं. उरी हमले के वक्त भी उन्होंने पाकिस्तान का समर्थन किया था.”

आगे लिखती हैं “अब उन्होंने भारतीय सेना के सम्मान को ठोस पहुंचाया है. देश विरोधी फिल्म बनाई है.”

इससे पहले कंगना ने करण जौहर और करण की धर्मा प्रोडक्शन की फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ को निशाने पर लिया था. कंगना ने कहा कि यह फिल्म राष्ट्रवाद पर बनी है, लेकिन फिल्म में कहीं भी देशभक्ति नजर नहीं आ रही है.

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था मैं करण पर एक शायरी अर्ज कर रही हूं. करण को सिर्फ राष्ट्रवाद की दुकान चलानी है, मगर देशभक्ति नहीं दिखानी है.

आगे लिखती हैं “भारत और पाकिस्तान पर आधारित फिल्में अच्छा चलती हैं, पैसे भी अच्छे आ जाते हैं, इसलिए करण इस विषय पर फिल्म बनाता है. अब थर्ड जेंडर आर्मी में आ गया है. मगर करण को यह कौन समझाए कि एक सैनिक हमेशा सैनिक होता है, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसका जेंडर क्या है.”

इससे पहले कंगना ने एक और ट्वीट करते हुए फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ की आलोचना की थी. ट्वीट के जरिए फिल्म के कई डायलाॅग को लेकर आपत्ति जताई है.

कंगना ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि इस फिल्म में गुंजन कई जगह कह रही हैं कि उन्हें देश से प्यार नहीं है. बस मैं प्लेन उड़ना चाहती हूं. इस फिल्म को देखकर ऐसा लगता है सैनिक के यूनिफाॅर्म की जरा भी कद्र नहीं की गई है. बस गुंजन कह रही हैं पापा मैं आपको शर्मिंदा नहीं होने दूंगी.

कंगना के एक और ट्वीट के मुताबिक फिल्म देशभक्ति जरा भी नहीं दिखाया गया है. सिर्फ गुंजन की जीत का परचम लहराया गया है. फिल्म में भारत की अनदेखी की गई है. यह फिल्म सिर्फ करण ने अपने फायदे के लिए बनाया है.

बता दें बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की फ़िल्म ‘गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल’ 12 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई. रिलीज होते ही इस फिल्म को लेकर भारतीय वायु सेना ने आपत्ति जताई थी.

भारतीय वायु सेना ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को एक पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी. पत्र में लिखा था कि फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ के कुछ दृश्य आपत्तिजनक है. फिल्म में भारतीय वायु सेना में महिलाओं के काम करने के तरीके को गलत तरीके से दिखया गया है.

ऐसा भी कहा जा रहा है कि फिल्म गुंजन को पहली भारतीय वायु सेना अधिकारी दिखाया गया. जो कि गलत दिखाया गया है.  पहली भारतीय वायु सेना अधिकारी गुंजन नहीं, बल्कि श्रीवैद्य रंजन थीं.

इसकी वजह से फिल्म की IMDb रेटिंग भी गिर गई है. फिल्म की रेटिंग घटकर 4.6/10 हो गई है.

वैसे ये फिल्म मूल रूप से सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते ऐसा नहीं हो पाया.

फिल्म में जाह्नवी कपूर भारत की वायु सेना अधिकारी गुंजन सक्सेना की भूमिका में नजर आ रही हैं. फिल्म में एक फाइटर वायु सेना अधिकारी के जीवन के संघर्ष को दिखाया गया है. वो सभी मुश्किलों का सामना डटकर करते हुए नज़र आ रही हैं.

फिल्म में पंकज त्रिपाठी, गुंजन सक्सेना बनी जाह्नवी कपूर के पिता का किरदार निभा रहे हैं. अपनी बेटी को हर मुश्किल से लड़ने और उनसे सबक सीखने के लिए प्रेरित करते हैं. फिल्म में जाह्नवी कपूर, पंकज त्रिपाठी के अलावा अंगद बेदी भी नजर आ रहे हैं, जो इस फ़िल्म में जाह्नवी कपूर के भाई का किरदार रहे हैं. इस फिल्म में अंगद एक ऑर्मी ऑफिसर के किरदार में नजर आएंगे.

गुंजन सक्‍सेना, इंडियन एयर फोर्स की फ्लाइट लेफ्टिनेंट रह चुकी हैं. जिन्‍हें वीरता, साहस और देशप्रेम के लिए शौर्य पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. गुंजन वो महिला है जिन्होंने साबित किया कि महिलाएं न सिर्फ पायलट बन सकती हैं, बल्कि जंग के मौदान में अपना लोहा मनवा सकती है. उनके पिता ए के सक्सेना भी आर्मी ऑफ़िसर रह चुके हैं.

भारतीय वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट रह चुकी गुंजन सक्सेना 44 साल की हैं और अब रिटायर हो चुकी हैं. उन्हें कारगिल गर्ल के नाम से जाना जाता है. कारगिल युद्ध के दौरान गुंजन सक्सेना ने युद्ध क्षेत्र में चीता हेलीकॉप्टर उड़ाया.

पाकिस्तानी सैनिक लगातार रॉकेट लॉन्चर और गोलियों से हमला कर रहे थे. इसके बावजूद द्रास और बटालिक की ऊंची पहाड़ियों से उन्होंने घायल जवानों को उठाकर वापस सुरक्षित स्थान पर लेकर आईं.

कारगिल युद्ध के समय, जब  उनकी पोस्टिंग 132 फॉरवर्ड एरिया कंट्रोल में हुई थी, तब वो मात्रा 25 साल की थीं. युद्ध के शुरूआती दौर में ही उन्हें श्रीनगर जाने के लिए कहा गया. ये वक़्त गुंजन के लिए सबसे संघर्षपूर्ण रहा था.

उन्होंने कारगिल युद्ध के समय युद्ध क्षेत्र में चीता हेलीकॉप्टर उड़ाया. पाकिस्तानी सैनिक लगातार रॉकेट लॉन्चर और गोलियों से हमला कर रहे थे.

गुंजन के एयरक्राफ्ट पर मिसाइलें भी दागी गईं, लेकिन निशाना चूक गया और वह बाल-बाल बचीं. बिना किसी हथियार के गुंजन ने पाकिस्तानी सैनिकों का मुकाबला किया और कई जवानों को वहां से सुरक्षित निकाला.

गुंजन सक्सेना एक इंटर्व्यू में कहती हैं  “लगातार 20 दिनों तक कारगिल युद्ध में सीधी भूमिका निभाने के अनुभव को कभी नहीं भूल सकतीं. युद्ध में काफी कुछ सीखने को मिला.”

गुंजन ने आगे बताया कि वो उन पायलटों में शामिल थीं, जो सर्विलांस के लिए जाते थे. 13 हजार फीट की ऊंचाई पर गुंजन अक्सर अपने हेलीकॉप्टर को हैलीपैड पर उतारती थीं. वो अपनी ड्यूटी करते हुए कई बार अपने हेलीकॉप्टर से जख्मी सिपाहियों की मदद करती थी. सैनिकों के लिए दवाएं, खाना और दूसरे जरूरी सामान भी पहुंचाने का काम करती थीं.