महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा- सुशांत मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार काम करेंगे

अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में फंस गया है. अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट फैसला करेगी कि सुशांत मामले की जांच सीबीआई करेगी या नहीं. हालांकि केंद्र सरकार ने यह केस सीबीआई को पहले ही सौंप चुकी है.

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच केंद्रीय सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई सौंप दी है. वहीं सुशांत से जुड़े धोखाधड़ी के मामले की जांच ईडी कर रही है. इस मामले में राजनीति होने की वजह से अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में फंस गया है. अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट फैसला करेगी कि सुशांत मामले की जांच सीबीआई करेगी या नहीं.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सुशांत मामले में बड़ा बयान दिया है. कहा कि महाराष्ट्र सरकार सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार काम करेगी.

बता दें महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख शनिवार को गोंदिया जिले के दौरे पर थे. इसी दौरान उन्होंने बताया कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सभी पक्षों ने हलफनामे दर्ज करा दिए हैं.

आगे कहते हैं “सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगले सप्ताह अपना फैसला सुनाएगी. हमें सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूरी तरह मंजूर होगा. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक हम काम करेंगे.”

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पटना से मामले में जांच को स्थानांतरित करने के लिए बिहार सरकार की सिफारिश को स्वीकार करने के बाद अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ सुशांत की मौत के संबंध में एफआईआर दर्ज की है.

बता दें अभिनेता सुशांत सिंह की 14 जून को उनके मुंबई स्थित बांद्रा के अपार्टमेंट में मौत हो गई थी. इसकी जांच मुंबई पुलिस कर रही थी. हालांकि अब यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है.

सुशांत के पिता के. के. सिंह ने रिया के खिलाफ बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. सुशांत के परिवार ने जो रिया चक्रवर्ती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया, उसके मद्देनजर ईडी यह कार्यवाई कर रही है. कुल 15 करोड़ रुपये के लेनदेन के मामले की जांच कर रही है.

सुशांत और रिया

अभिनेता की मौत से पहले सुशांत और रिया एक रिश्ते में थे. सुशांत के पिता ने रिया के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं, जिसमें उनके बेटे से पैसे लेना और मीडिया को उसकी मेडिकल रिपोर्ट का खुलासा करने की धमकी देना भी शामिल है. सुशांत के परिवार ने रिया पर सुशांत को उनसे दूर रखने का भी आरोप लगाया है.

प्रवर्तन निदेशालय कुल 15 करोड़ रुपये के लेनदेन के मामले की जांच कर रही है, जो कथित तौर पर सुशांत सिंह की ‘आत्महत्या’ से संबंधित है. इस मामले में ईडी रिया से पूछताछ कर रही है.

बिहार के पटना के राजीवनगर थाना में सुशांत के पिता के.के.सिंह ने 25 जुलाई को मामला दर्ज कराने के बाद हरकत में आई पटना पुलिस की चार सदस्यीय टीम 27 जुलाई को मामले की जांच करने मुंबई गई थी.

इसके बाद पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को भी मुंबई भेजा गया था,  मुंबई पहुंचते ही उन्हें बीएमसी ने क्वारंटीन कर दिया गया था.

बीएमसी की इस हरकत का बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निंदा की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह अच्छा नहीं हुआ. बिहार पुलिस सिर्फ अपना काम कर रही है. इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने भी बीएमसी की इस हरकत की निंदा की थी.

इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के विधायक अतुल भातखलकर ने गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी सीबीआई से जांच करवाने की मांग की थी. इसको लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र भी लिखा. यह जानकारी उन्होंने ट्वीट के ज़रिए दी थी.

पत्र में भातखलकर ने लिखा था कि मुंबई में रहने वाले महाराष्ट्र सरकार के एक युवा मंत्री के हित, इस मामले से जुड़े हैं. इसीलिए मुंबई पुलिस इस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है.

इससे पहले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी लंबे समय से सीबीआई से सुशांत की आत्महत्या के मामले की छानबीन करने की मांग कर रहे थे. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने सुशांत की मौत के मामले पर मुंबई पुलिस पर सही तरह से जांच न करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि मुंबई पुलिस अंडरवर्ल्ड के इशारों पर काम कर रही है.

महाराष्ट्र राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए लिखा था कि बड़ी संख्या में लोग चाहते हैं कि सुशांत की मौत के मामले की छानबीन केंद्रीय जांच ब्यूरो करे, लेकिन राज्य सरकार की इच्छा ऐसी नहीं है.