मैथिली सिनेमाः 19 साल तक डब्बाबंद रही थी पहली मैथिली फिल्म ममता गाबय गीत

निर्माण शुरू होने के आधार पर ममता गाबय गीत मैथिली की पहली फिल्म थी, पर यह 19 वर्षों तक डब्बाबंद थी और 1981 में जाकर रिलीज हुई

ममता गाबय गीत में सुखिया के किरदार में अज़रा
ममता गाबय गीत में सुखिया के किरदार में अज़रा

1960 से ही मैथिली फिल्म निर्माण को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गयी थी, एक तरफ भोजपुरी में फिल्म का निर्माण हो रहा था तो दूसरी और मैथिली को साहित्य अकादमी में शामिल करने की मांग जोर पकड़ रही थी।

ऐसे में महंत मदन मोहन दास मैथिली फिल्म बनाने का संकल्प लेकर मेकअप मैन केदारनाथ चौधरी के साथ 25 सितंबर, 1963 को मुम्बई पहुंच गए. लेकिन इन दोनों को फिल्म निर्माण से सम्बंधित कोई जानकारी नहीं थी।(केदारनाथ चौधरी की किताब आवारा नहीं तन के अनुसार)

गीत 'भरि नगरी में सोर' के दृश्य में नायिका अजरा. साभाऱः शंकरदेव झा
गीत ‘भरि नगरी में सोर’ के दृश्य में नायिका अजरा. साभाऱः शंकरदेव झा

केदारनाथ चौधरी ने महंत मदन मोहन दास की मुलाकात उदयभानु ठाकुर से करवाई, जो आर्यावर्त और इंडियन नेशन अखबारों के संवाददाता थे।

 

फिल्म ममता गाबय गीत का पोस्टर. फोटो सौजन्यः केदारनाथ चौधरी
फिल्म ममता गाबय गीत का पोस्टर. फोटो सौजन्यः केदारनाथ चौधरी

फिल्म निर्माण को लेकर तीनों में चर्चा हुई. आखिरकार, महंथ मदन मोहन दास, उदयभानु ठाकुर और केदारनाथ चौधरी निर्माता हुए। चौधरी परमानंद निर्देशक बने। ये वही सी. परमानंद थे जिन्होंने राज कपूर की क्लासिक फिल्म ‘तीसरी कसम’ में चाय की दूकान पर बैठकर मैथिली में एक डायलॉग बोला था।

1964 में इलाहाबाद से प्रकाशित ‘बटुक’ पत्रिका के अनुसार फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर सिकंदर थे, जबकि सी. प्रसाद कैमरामैन थे।

 

ममता गाबय गीत में बौआ के किरदार में नायक त्रिदिव कुमार
ममता गाबय गीत में बौआ के किरदार में नायक त्रिदिव कुमार

निर्माण शुरू होने के लिहाज से ‘ममता गाबय गीत’ मैथिली भाषा की पहली फिल्म है।

1963 में साहित्य सम्मेलन भवन सभागार, कदमकुआं (पटना) में फिल्म का मुहूर्त रखा गया जिसके मुख्य अतिथि बिहार के तत्कालीन राज्यपाल अनन्त शयनम् अयंगार थे।

 

ममता गाबय गीत में ज़मींदार की भूमिका में उदयभानु ठाकुर
ममता गाबय गीत में ज़मींदार की भूमिका में उदयभानु ठाकुर

इस फिल्म का नाम पहले ‘नैहर भेल मोर सासुर’ रखा गया था, जिसका अर्थ गीतकार रवींद्रनाथ ठाकुर को सही नहीं लगा। उन्होंने निर्माताओं को फिल्म का नाम बदलने का सुझाव दिया।

लाला का किरदार निभाने वाले कमलनाथ सिंह ठाकुर की सलाह पर फिल्म का नाम ‘ममता गाबय गीत’ रखा गया। कमलनाथ ठाकुर बाद में बिहार विधानमंडल में विधान पार्षद भी बने।

ठाकुर की बहन का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री प्रेम लता मिश्र प्रेम
ठाकुर की बहन का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री प्रेम लता मिश्र प्रेम

मैथिली के प्रसिद्ध गीतकार रवींद्रनाथ ठाकुर के लिखे गीतों को सुमन कल्याणपुर, गीता दत्त, महेंद्र कपूर ने स्वरबद्ध किया था, जबकि श्याम शर्मा (श्याम सागर)  संगीत-निर्देशक थे।

फिल्म के मुख्य नायक त्रिदीप कुमार थे, जिनका वास्तविक नाम भवनाथ झा था। त्रिदीप कुमार ने ठाकुर के बेटे बौआ का किरदार निभाया। ठाकुर के किरदार में सह-निर्माता उदयभानु ठाकुर थे जबकि अभिनेत्री अजरा ने सुखिया (नौकरानी) का किरदार निभाया।

ममता गाबय गीत में नंदा की भूमिका में नायक प्यारे मोहन सहाय
ममता गाबय गीत में नंदा की भूमिका में नायक प्यारे मोहन सहाय

पूर्णिमा देवी (ठाकुर की भाभी), लाला (कमलनाथ ठाकुर), बिहार रंगमंच के बड़े कलाकार प्यारे मोहन सहाय ने नन्दा का किरदार निभाया, जो सुखिया का पति था। सुखिया की भतीजी शनीचरी का किरदार लता बोस ने किया था, जो फिल्म में त्रिदीप कुमार के अपॉजिट थीं।

 

फिल्म की शूटिंग मधुबनी के पास राजनगर में हुई थी। लेकिन 7-8 रील की शूटिंग के बाद आर्थिक समस्या के साथ-साथ निर्माताओं के बीच मनमुटाव हो गया। 1965 में फिल्म डब्बा बन्द हो गई।

 

लता बोस के किदार को सरिता ठाकुर ने डब किया था
लता बोस के किदार को सारिका ठाकुर ने डब किया था
ममता गाबय गीत के संगीत निर्देशक श्याम सागर
ममता गाबय गीत के संगीत निर्देशक श्याम सागर

1980 में मैथिली के प्रसिद्ध कवि और गीतकार रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने इसे पूरा करने का जिम्मा उठाया। उन्होंने निर्माताओं से अधिकार खरीदकर फिल्म को पूरा किया। 19 वर्षों के बाद 1981 में ‛ममता गाबय गीत’ को वीणा सिनेमा, पटना में प्रदर्शित किया गया।

ममता गाबय गीत में सुखिया के किरदार में अज़रा
ममता गाबय गीत में सुखिया के किरदार में अज़रा

जारी…

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