भारतीय सिनेमा के ठाकुर, संजीव कुमार के 81 वें जन्मदिन पर एक यादगार झलक

महान अभिनेता संजीव कुमार को बॉलीवुड इंडस्ट्री में ” हरिभाई ” के नाम से भी जाना जाता था। भारतीय सिनेमा के सबसे महान अभिनेताओं में गिने जाने वाले संजीव कुमार ने 60 और 70 के दशक में अपने उत्कृष्ट अभिनय कौशल का योगदान दिया।

संजीव कुमार ऐसे कलाकार थे जिन्होंने जया बच्चन के साथ उनके पति से लेकर ससुर तक के किरदार निभाए थे।
फिल्म कोशिश में जया बच्चन के पति बने, तो फिल्म अनामिका में एक प्रेमी। शोले फिल्म में जया बच्चन के ससुर बने और सिलसिला में भाई का किरदार निभाया था।जीव कुमार ने हर तरह की फिल्मों में काम किया ।

रोमांटिक और पारिवारिक ड्रामा से लेकर सस्पेंस थ्रिलर तक, इसके साथ ही उन्होंने मराठी, पंजाबी, तमिल, तेलगु ,सिंधी और अपनी मातृभाषा गुजराती सहित कई भाषाओं में क्षेत्रीय फिल्में की थी।

उन्होंने मुंबई में इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन में एक थिएटर अभिनेता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की ओर फिर भारतीय राष्ट्रीय रंगमंच के साथ काम किया। संजीव कुमार की पहेली फिल्म हम हिन्दुस्तानी 1960 में आई।

1970 के दशक के अंत और 1980 के दशक की शुरुआत में, जब बॉलीवुड केवल उन्हें सहायक भूमिकाएं देने के लिए तैयार था, संजीव हमेशा अच्छी भूमिकाओं के भूखे थे। फिल्म ‘ नया दिन नई रात ‘ में संजीव कुमार ने नौ भूमिकाएं निभाईं, जो नौ रसों ( प्रेम, आंनद, घृणा, क्रोध, करुणा, वीरता, भय, विस्मय, श्रृंगार) का प्रतिनिधित्व करती हैं।
संजीव ने कई हिट तमिल, तेलुगु और कन्नड़ रीमेक में काम किया ।
संजीव कुमार की फिल्म ‘ पति, पत्नी ओर वो ‘ का भी रीमेक बना, बॉलीवुड अभिनेता अनन्या पांडे, कार्तिक आर्यन और भूमि पेडनेकर ने इस रीमेक फिल्म में बहुत बेहद रोल निभाया।

1975 में आई शोले फिल्म ने संजीव कुमार को एक नया नाम ओर पहचान दी, जो सिनेमा पर्दे पर छा गया। फिल्म में बुज़ुर्ग का किरदार निभाकर हिंदी सिनेमा के ठाकुर को अभिनेता दिलीप कुमार ,अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर ने बेहद पसंद किया।

संजीव कुमार की एक खास बात यह थी कि लाखों प्रशंसकों की प्रशंसा के बावजूद, उन्होंने कभी भी खुद को एक दिग्गज स्टार की छवि में नहीं माना। वास्तव में, कुमार ने उन किरदारों को निभाया जहां अन्य अभिनेता उनसे बड़े होते थे। उन्होंने त्रिशूल में शशि कपूर के लिए एक पिता का रोल निभाया, जबकि शोले में धर्मेन्द्र भी उनसे बड़े थे।

उनको 1971 में दस्तक के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और 1973 में कोशिश फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता । सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए  फिल्म अंगूर के लिए 1983 में फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

संजीव कुमार एक बेहद लोकप्रिय स्टार थे लेकिन उन्होंने कभी शादी नहीं की। यह बताया जाता है कि उन्होंने हेमा मालिनी को शादी का प्रस्ताव भी दिया था लेकिन फिर ये मुमकिन ना हुआ और बाद में सुलक्षणा पंडित का साथ मिला लेकिन अफसोस की बात है कि उन्होंने सिंगल रहना ही चुना।

संजीव कुमार को 1976 में पहला दिल का दौरा पड़ा। वह अमेरिका गए और एक बाईपास से गुज़रे। नवंबर 1985 में , 47 वर्ष की आयु में फिर से दिल का दौरा पड़ने पर भारतीय सिनेमा को अलविदा कहा ।