10 प्वाइंट: सुभाष घई ने माधुरी दीक्षित से कहा था सरोज ख़ान को कॉपी कर लो स्टार बन जाओगी

saroj khan life history
सरोज ख़ान ने परिवार की माली हालत के चलते महज तीन साल की उम्र में फ़िल्मों में काम करना शुरू कर दिया था।

1. विभाजन के बाद परिवार को आना पड़ा मुंबई
सरोज खान के माता-पिता पाकिस्तान के कराची में रहते थे। लेकिन भारत की आज़ादी के संग विभाजन भी साथ आया था जिसने उनके परिवार को मुंबई में बसा दिया। एक सुखी और समृद्ध परिवार के पास मुंबई आने के बाद कुछ नहीं बचा था। यहीं सरोज खान का जन्म 22 नवम्बर 1948 को हुआ।

2.बचपन से ही डांस का था शौक
जब सरोज ढाई-तीन साल की थीं तभी वो अपनी परछाई को देख अपने हाथ-पैर हिलाया करती थीं। इस बात से उनकी माँ बहुत डर गयी थी और उन्हें लगा ये अबनोरमल व्यवहार क्यों कर रही है और सरोज को डॉक्टर के पास ले गईं। डॉक्टर ने कहा था अगर इसे डांस करना है तो करने दो। अपने घर के आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वो बचपन से ही काम में लग गईं।

saroj khan with sridevi and shekhar kapoor
मिस्टर इंडिया फ़िल्म के दौरान श्रीदेवी को डांस स्टेप बताती सरोज ख़ान। साथ में हैं फ़िल्म के निर्देशक शेखर कपूर।

3. बाल कलाकार के रूप में बनी थी राधा
सन 1953 में आर. डी माथुर की फिल्म ‘आगोश’ में नन्ही सरोज ने बाल कलाकार के रूप में राधा बनी थीं। ये रोल उन्हें सिर्फ इसलिए दिया गया था क्योंकि उन्हें डांस आता था।

4. ‘सुबह का खाना होता था तो रात का नहीं’
सरोज खान के पिता की मृत्यु के बाद घर की आर्थिक स्थिति और खराब हो गयी। सरोज खान के चार बहनों के साथ एक भाई भी था। आमिर खान प्रॉडक्शन द्वारा बनाई गयी डॉक्युमेंट्री में उन्होंने कहा कि घर में एक वक़्त का खाना होता था तो दूसरे वक़्त का नहीं। माँ चूल्हे पर खाली बर्तन रख कर कहती थी तुम सब सो जाओ जब खाना बन जाएगा तो उठा दूँगी।

saroj-khan with madhuri dixit
माधुरी दीक्षित को डांस स्टेप का अभ्यास करातीं सरोज ख़ान।

5.शशि कपूर के लिए थे 200 रुपये
एक दिन शूटिंग के बाद सरोज खान शशि कपूर के पास गई और कहा कि सर कल दिवाली है और मेरे घर में कुछ भी नहीं। शशि कपूर ने 200 रुपेए देते हुआ कहा था सरोज मुझे अभी पैसे नहीं मिले सिर्फ 200 ही है तुम रख लो। ये 200 रुपये सरोज के लिए उस वक़्त बहुत ज़्यादा थे और ये पैसे सरोज खान ने उन्हें कभी नहीं लौटाए।

6.डांस के अलावा भी किए थे कई काम
सरोज खान ने डांस के अलावा भी नर्स का कोर्स किया था। एक अस्पताल में नौकरी भी की। बाद में जा कर उनहोंने टाइपिंग और शॉर्टहैंड भी सीखा ताकि कहीं रिसेप्शनिस्ट की नौकरी ले सके लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वो बॉलीवुड में मास्टर जी बन गईं।

7.मास्टर सोहनलाल की बनी थीं पहली असिस्टेंट
सरोज खान अपनी छोटी सी उम्र से ही डांस को समर्पित रहीं। जब मास्टर सोहनलाल के साथ वो काम कर रही थी तो उनहोंने देखा सरोज अपने स्टेप्स के अलावा बाक़ी सभी के स्टेप्स याद कर लेती हैं। और इसी वजह से उनहोंने सरोज को अपना असिस्टेंट बना लिया था। बाद में सरोज खान और सोहनलाल ने शादी भी कर ली थी उस वक़्त सरोज की उम्र मात्र 13 वर्ष की थी और सोहनलाल 43 वर्ष के थे। हालांकि ये रिश्ता ज़्यादा लंबे समय तक चल नहीं पाया।

8.सन 1962 से 1973 की फिल्में
सन 1962 से 1973 तक सरोज खान ने मास्टर सोहनलाल के साथ कई फिल्में की जो बहुत ही चर्चित रहीं। ‘फ्लैट नंबर 9’, ‘आस के पंछी’, ‘आई मिलन की बेला’, ‘दिल ही तो है’, ‘गाइड’, ‘फर्ज़’, ‘मेरा साया’ और ‘बॉबी’ आदि जैसी फिल्मों में अपनी महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई।

9.फिल्मफेयर का कोरियोग्राफर का पहला अवार्ड जीता
सन 1988 में ‘तेज़ाब’ फिल्म का गाना एक दो तीन चार पाँच… जिसे माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया था इसे कौन भूल सकता है। आज यू ट्यूब में इस गाने पर 93 मिलियन व्यूस हैं। और लोग आज भी इस गाने को उतना ही पसंद करते हैं जितना उस वक़्त करते थे। इस गाने की कोरयोग्राफी देखने के बाद फिल्मफेयर ने कोरयोग्राफी के लिए अवार्ड रखा और ये पहला अवार्ड सरोज खान ले गईं।

10. ’70 प्रतिशत भी सरोज को कॉपी कर लो कल को स्टार बन जाओगी’
तेज़ाब फिल्म के शूटिंग के दौरान निर्देशक सुभाष घई ने माधुरी दीक्षित से कहा था की अगर तुम सरोज के एक्सप्रेशन और डांस को 70 प्रतिशत भी कॉपी कर लोगी तो स्टार बन जाओगी। और हुआ बिलकुल यही। सरोज खान अपनी कोरयोग्राफी से सबके दिलों पर राज करने लगी।