दिव्यांग माता-पिता के लिए देवदूत बने सोनू सूद, बीमार बच्चे का इलाज कराने का किया वादा

सोनू सूद कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के बीजापुर जिले की एक आदिवासी लड़की की मदद के लिए आगे आए थे.

सोनू सूद ने दिव्यांग माता-पिता से उनके बीमार बच्चे का इलाज करवाने का वादा किया है
सोनू सूद ने दिव्यांग माता-पिता से उनके बीमार बच्चे का इलाज करवाने का वादा किया है

बाॅलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने लाॅकडाउन के समय प्रवासी मजदूरों और बच्चों की हर तरह से मदद किए. लोगों का दिल जीत लिया. मदद करने का सिलसिला अभी भी चल ही रहा है. सिर्फ़ मज़दूर ही नहीं हर किसी की मदद कर रहे हैं.

अब सोनू सूद ने दिव्यांग माता-पिता से उनके बीमार बच्चे का इलाज करवाने का वादा किया है. सोनू सूद ने ट्वीट करते हुए लिखा कि उन्होंने डाॅक्टर से बात कर ली है. पैसों का बिना चिंता किए बच्चे को अस्पताल में भर्ती काराने के लिए कहा है. आगे कहते हैं “आपका बच्चा अब तंदुरूस्त होकर ही घर आएगा.”

दरअसल, संतोष कुमार नाम के एक ट्वीटर यूजर ने सोनू सूद से मदद मागीं. उसने सोनू सूद को टेग करते हुए ट्वीट किया कि उनका बच्चा बीमार है. पैसा नहीं होने की वजह से अब तक अस्पताल में भर्ती नहीं करवाया. आगे लिखा कि बच्चे के माता-पिता यानी हम विकलांग हैं. सोनू सूद प्लीज हमारी मदद करिए. सोनू सूद ने तुरंत मदद करने का वादा किया.

हाल ही में सोनू सूद ने एक सीए के छात्र की ट्यूशन फीस भरकर उसकी मदद की है.

इसके अलावा बाॅलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने अब राष्ट्रीय पात्रता सह परीक्षा (जेईई) और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (नीट) को स्थगित करने की मांग की है.

सोनू सूद ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बीच में जेईई मेन और नीट एग्जाम कराना गलत है. इसे दो-तीन महीनों के लिए स्थगित कर देना चाहिए.

बता दें सोनू सूद कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के बीजापुर जिले की एक आदिवासी लड़की की मदद के लिए आगे आए थे. लड़की ने पिछले कई दिनों से बस्तर में हो रही लगातार बारिश के चलते अपना घर और किताबें खो दी. उस लड़की को नया घर और नई किताबें देने का वादा किया.

इससे पहले सोनू सूद फिलीपींस से 39 बच्चों को लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए भारत लाए थे. इसकी जानकारी सोनू सूद ने ट्वीटर पर दी थी. फैंस इस नेक काम के लिए उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं.

सोनू से बिहार के एक युवक की भी मदद की. बिहार के जमुई जिले के एथलीट सुदामा यादव को पिछले साल मार्च महीने में हांगकांग में वार्मअप के दौरा घुटने में चोट लग गई थी. तब से वे घुटने के दर्द से परेशान चल रहे थे.

एक युवक ने सोनू सूद ने यूपीएससी की किताब के लिए मदद मांगी थी. उन्होंने तुरंत मदद की. कहा कि आप अपने घर का पता भेज दीजिए. आपके घर किताबें पहुंच जाएंगी.

उन्होंने लोगों से अपील किया कि जरुरतमंदों की मदद करने में जो लोग सक्षम हैं वे प्लीज सामने आएं. अपने नजदीक के अस्पताल में भर्ती किसी मरीज को गोद लें या फिर कम से कम उनकी दवाओं का खर्च उठाएं.

सोनू सूद ने मजदूरों को तीन लाख नौकरियां दिलवाने में मदद करने का दावा कर चुकें हैं. उसके बाद एक लाख और नई नौकरियां देने का वादा किया.

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने बताया है कि वो हर प्रवासियों को नौकरी दिलवाले में मदद करेंगे. सोनू सूद ने जॉब हंट ऐप और वेबसाइट लॉन्च किया है. जिसका नाम है ‘प्रवासी रोजगार. जिसके तहत वह बिहार और असम में बाढ़ से प्रभावित लोग जो नौकरियों से हाथ धो चुके हैं. वो उनको नौकरी दिलाने में मदद करेंगे.

अभिनेता सोनू सूद ने बस, ट्रेन, फ्लाइट हर प्रकार से लोगों को उनके घर तक पहुंचाया. इतना ही नहीं वह लगातार काम में लगे हुए हैं और विभिन्न प्रकार से लोगों की मदद कर रहे हैं. सोनू ने किसान को बैल देकर मदद किए तो किसी को ट्रैक्टर दिया ताकि वह खेती कर सकें.

प्रवासी मजदूरों की मदद करते हुए सोनू सूद

हाल ही में वो हैदराबाद की एक लड़की शारदा की मदद करते नजर आए. इस लड़की कि कोरोना की वजह से नौकरी चली गई थी. सोनू सूद को इसकी जानकारी सोशल मीडिया से मिली. उन्होंने उसकी मदद करते हुए उसे जॉब का लेटर भी भेज दिया.

पंजाब में तरनतारन जिले के गांव पंडोरी गोलां में जहरीली शराब पीने से सुखदेव सिंह की मौत हो गई थी. सदमे में उसकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया था. दंपती की मौत के बाद अनाथ हुए उनके चार बच्चों की मदद के लिए आगे आए थे.

सोनू सूद ने एक ट्वीट करके चारों बच्चों करणवीर, गुरप्रीत, अर्शदीप और संदीप की जिम्मेदारी उठाने का विश्वास दिलाया है. सोनू ने ट्वीट किया था कि इन छोटे बच्चों के पास जल्द ही एक शानदार घर, अच्छा स्कूल और शानदार भविष्य होगा.

116 लड़कियां केरल के एर्नाकुलम‌ की एक स्थानीय फैक्टरी में सिलाई और कढ़ाई-बुनाई का काम करती थीं.  सोनू सूद को भुवनेश्वर में एक करीबी दोस्त द्वारा इन लड़कियों की स्थिति से अवगत कराया गया. नौकरी चली गई है. काम-धंधे बंद हैं. इनका मदद कीजिए. इन्हें घर तक पहुंचा दीजिए. सोनू सूद ने तुरंत मदद किया. उन लड़कियों को उनके घर उड़ीसा पंहुचाया.