सुशांत की मौत के मामले की छानबीन के लिए मुंबई पहुंची CBI, क्वारैंटाइन नियमों में मिली छूट

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच के लिए मुंबई आने वाले सीबीआई के टीम को क्वारैंटाइन नहीं किया जाएगा.

सुशांत की अटाॅप्सी करने वाले एक डाॅक्टर ने बताया कि सुशांत का पोस्टमाॅर्टम जल्दीबाजी में किया गया
सुशांत की अटाॅप्सी करने वाले एक डाॅक्टर ने बताया कि सुशांत का पोस्टमाॅर्टम जल्दीबाजी में किया गया

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुशांत सिंह की मौत के मामले की जांच सीबीआई करेगी.

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक बिहार के पटना में दर्ज एफआईआर कानून के मुताबिक सही है. सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले की जांच को लेकर सीबीआई ने मोर्चा संभाल लिया है. छानबीन के लिए सीबीआई की SIT टीम मुंबई रवाना हो चुकी है.

बताया जा रहा है सीबीआई की टीम मुंबई में सबसे पहले पांच लोगों से पूछताछ करेगी. पांच लोगों में वो हैं, जो सुशांत की मौत की खबर मिलते ही फ्लैट पर पहुंचे थे. इसके साथ ही जो लोग 14 जून की सुबह घर पर थे, उनसे भी पूछताछ होगी.

इस बीच बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने भी साफ कर दिया है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच के लिए मुंबई आने वाले सीबीआई के टीम को क्वारैंटाइन नहीं किया जाएगा.

बीएमसी के इस फैसले से जांच टीम को बड़ी राहत मिली है. बता दें इससे पहले बुधवार को बीएमसी ने तेवर दिखाते हुए कहा की थी कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच के लिए मुंबई आने वाले सीबीआई के टीम को मुंबई में एक सप्ताह रहने की छूट है, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय तक रहना है, तो उन्हें क्वारैंटाइन के छूट के लिए आवेदन करना होगा.

खैर, बीएमसी ने साफ कर दिया है कि सीबीआई को क्वारैंटाइन के नियमों में छूट दी जाएगी. साथ ही इस मामले की जांच में सहयोग भी करेंगे.

सीबीआई के मुताबिक सुशांत मामले में सुशांत के दोस्‍त दीपेश सावंत, सिद्धार्थ पीठानी, कुशाल जावेरी से भी सीबीआई की टीम पूछताछ करेगी.

बीएमसी के अधिकारी ने कहा था कि महाराष्ट्र सरकार के नियमों के अनुसार महत्वपूर्ण काम से आने वाले सरकारी अधिकारियों और कोविड-19 संबंधी ड्यूटी पर लगे डॉक्टरों को सात दिन ठहरने के लिए क्वारैंटाइन के नियम से छूट है.

उन्होंने कहा था कि लेकिन अगर दूसरे राज्य के अधिकारी यहां सात दिन से अधिक समय तक ठहरना चाहते हैं तो उन्हें बीएमसी से छूट के लिए आवेदन करना होगा.

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राजपूत मामले में पटना में दर्ज प्राथमिकी को सीबीआई को स्थानांतरित करने के बिहार सरकार के फैसले को स्वीकार कर लिया. अब इस मामले की छानबीन करने का काम सीबीआई करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय संविधान के आर्टिकल 142 के तहत  यह फैसला सुनाया है. जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि यह केस मुंबई पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन मुंबई पुलिस सही से जांच नहीं कर रही थी. इसलिए कोर्ट ने विशेष शक्ति का प्रयोग करते हुए केस को सीबीआई के हाथों में सौंपने का फैसला किया है.

जस्टिस ऋषिकेश रॉय ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जांच में जनता का विश्वास सुनिश्चित करने और मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए यह न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 142 द्वारा प्रदत्त विशेष शक्तियों को लागू करना उचित समझती है.
जस्टिस ऋषिकेश रॉय कहते हैं “मुंबई पुलिस को सुशांत मामले में जांच करने का पूरा अधिकार था. लेकिन, किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति से बचने के लिए सीबीआई को केस सौंपा गया है. यह अधिकार अनुच्छेद 142 के तहत हमें मिला है. “
आगे कहते हैं “अब किसी भी राज्य की पुलिस को इसमें हस्तक्षेप करने की इजाजत नहीं है. अब यह मामला सिर्फ सीबीआई देखेगी. सीबीआई पटना एफआईआर के साथ ही राजपूत की मौत के मामले से जुड़ी किसी अन्य एफआईआर की जांच करने में सक्षम होगी.”

कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा कि मुंबई पुलिस सुशांत सिंह राजपूत मामले में जांच करती रहेगी.

शिवसेना नेता परब ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अभी तक मुंबई पुलिस द्वारा की गयी जांच में कोई त्रुटि नहीं पाई है. आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार का यह कहना था कि मामले को मुंबई स्थानांतरित किया जाए क्योंकि यह उसके अधिकार क्षेत्र का मामला है. अब राज्य सरकार इस बारे में फैसला करेगी कि पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए या नहीं.

सुप्रीम कोर्ट में कुछ दिन पहले बिहार पुलिस और सुशांत के परिवार वालों की तरफ से लिखित जवाब और दलीलें पेश की गईं थीं.

रिया चक्रवर्ती की ओर से भी लिखित दलील पेश की गई. इसमें कहा गया कि सुशांत की मौत मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है. पटना में दर्ज केस गलत है. यह बिहार पुलिस का जूरिडिक्शन नहीं है और इस तरह सीबीआई को केस ट्रांसफर करना भी सही नहीं है. अपनी लिखित दलील में रिया की तरफ से ये भी कहा गया है कि बिहार पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया और केस सीबीआई को दे दिया गया, ये सब बिना जूरिडिक्शन के हुआ है. ऐसे में मामले को मुंबई ट्रांसफर किया जाए.

बता दें अभिनेता सुशांत सिंह की 14 जून को उनके मुंबई स्थित बांद्रा के अपार्टमेंट में मौत हो गई थी. इसकी जांच मुंबई पुलिस कर रही थी. हालांकि अब यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है.

सुशांत के पिता के. के. सिंह ने रिया के खिलाफ बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. सुशांत के परिवार ने जो रिया चक्रवर्ती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया, उसके मद्देनजर ईडी यह कार्यवाई कर रही है. कुल 15 करोड़ रुपये के लेनदेन के मामले की जांच कर रही है.

अभिनेता की मौत से पहले सुशांत और रिया एक रिश्ते में थे. सुशांत के पिता ने रिया के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं, जिसमें उनके बेटे से पैसे लेना और मीडिया को उसकी मेडिकल रिपोर्ट का खुलासा करने की धमकी देना भी शामिल है. सुशांत के परिवार ने रिया पर सुशांत को उनसे दूर रखने का भी आरोप लगाया है.

प्रवर्तन निदेशालय कुल 15 करोड़ रुपये के लेनदेन के मामले की जांच कर रही है, जो कथित तौर पर सुशांत सिंह की ‘आत्महत्या’ से संबंधित है. इस मामले में ईडी रिया से पूछताछ कर रही है.

बिहार के पटना के राजीवनगर थाना में सुशांत के पिता के.के.सिंह ने 25 जुलाई को मामला दर्ज कराने के बाद हरकत में आई पटना पुलिस की चार सदस्यीय टीम 27 जुलाई को मामले की जांच करने मुंबई गई थी.

इसके बाद पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को भी मुंबई भेजा गया था, मुंबई पहुंचते ही उन्हें बीएमसी ने क्वारंटीन कर दिया गया था.

बीएमसी की इस हरकत का बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निंदा की थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि यह अच्छा नहीं हुआ. बिहार पुलिस सिर्फ अपना काम कर रही है.