ड्रग्स केस में रिया गई जेल, जमानत के लिए सेशन कोर्ट में लगाई अर्जी

रिया के वकील के मुताबिक जमानत के लिए सेशन कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है. अगर वहां से भी याचिका खारिज हो जाती है तो बाॅम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में बेल के लिए जा सकते हैं.

Rhea_Chakraborty
रिया को भायखला के जेल में डाल दिया गया है.

सुशांत सिंह राजपूत (sushant singh Rajput) की मौत के मामले में ड्रग्स कनेक्शन सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम ने रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) को गिरफ्तार कर लिया. इसके खिलाफ जमानत के लिए रिया ने कोर्ट में याचिका दायर की. जमानत की अर्जी को खारिज करते हुए कोर्ट ने रिया को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है.

रिया को अब भायखला जेल में डाल दिया गया है. उन्हें कल शाम को जेल में इसलिए नहीं डाला गया क्योंकि जेल मैनुअल के हिसाब से सूर्यास्त के बाद किसी भी नए कैदी की जेल में एंट्री नहीं होती है. इस वजह से रिया को रात भर एनसीबी के लाॅकअप में रखा गया था.

बता दें, ड्रग्स मामले में रिया मंगलवार को तीसरे दिन पूछताछ के लिए एनसीबी के समक्ष पेश हुईं. पूछताछ के बाद सबसे पहले रिया को एनसीबी ने हिरासत में लिया. गिरफ्तारी की प्रकिया पूरी होने के बाद एनडीपीएस एक्ट, 1985 की धारा 8C, 20B, 27A, 28 और 29 के तहत गिरफ्तार किया गया.

ड्रग्स संबंधित जांच के लिए रिया को चिकित्सा परीक्षण के लिए भी भेजा जाएगा. रिया के साथ उनके भाई शौविक का भी चिकित्सा परीक्षण किया जाएगा.

बता दें पूछताछ के दौरान रिया ने कबूला ही नहीं कि उन्होंने सुशांत को ड्रग्स मुहैया कराने में मदद की थी. लेकिन उन्होंने कहा कि सुशांत ने भी कई बार रिया को ड्रग्स लेने के लिए कहा था. इसके बाद रिया को गिरफ्तार कर लिया गया.

रिया के वकील के मुताबिक जमानत के लिए सेशन कोर्ट में याचिका दायर कर दी गई है. अगर वहां से भी याचिका खारिज हो जाती है तो बाॅम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में बेल के लिए जा सकते हैं.

शौविक, दीपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा की कोर्ट में पेशी

सुशांत मामले से जुड़े ड्रग्स कनेक्शन की जांच के सिलसिले में राजपूत के निजी स्टाफ दीपेश सावंत (Dipesh Sawant) को कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके साथ ही शनिवार को मुंबई के किला कोर्ट ने शौविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा (Showik Chakraborty and Samuel Miranda) को 9 सिंतबर तक के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के रिमांड पर भेज दिया था.

आज रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती, दीपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा की कोर्ट में पेशी है. देखना होगा कि रिमांड को बढ़ाया जाता है या उन्हें छेाड़ दिया जाता है.

आपको बता दें, शुक्रवार को एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती और रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती के घर छापा मारा था. उनके घर से किसी भी तरह का ड्रग्स बरामद नहीं हुआ था.

शुक्रवार को एनसीबी की दूसरी टीम, सैमुअल मिरांडा के घर छानबीन के लिए गई थी. पूछताछ के बाद एनसीबी ने शौविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा (Showik Chakraborty and Samuel Miranda) और कैजान इब्राहिम को गिरफ्तार कर लिया था.

इसके साथ ही एनसीबी ने इन दोनों से पूछताछ के लिए सात दिन के रिमांड के लिए किला कोर्ट में याचिका लगाई थी. कोर्ट ने 9 सिंतबर तक रिमांड के लिए मंजूरी दे दी थी.

नशीली दवाओं और मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम, 1985

कुछ ड्रग और पदार्थ ऐसे हैं जिनका उत्पादन और विक्रय ज़रूरी है. लेकिन उनका अनियमित उत्पादन तथा विक्रय नहीं किया जा सकता. इस तरह की दवाओं पर सरकार के कड़े प्रतिबंध होते हैं, क्योंकि ये पदार्थ अत्यधिक मात्रा में उपयोग में लाने से नशे में प्रयोग होने लगते हैं, जो मानव समाज के लिए बहुत बड़ी त्रासदी सिद्ध हो सकती है. इससे बचने के लिए सरकार ने यह कानून बनाया है.

अधिनियम के तहत सरकार ने नशीली दवाओं की सूची बनाई है. उसमें केंद्रीय सरकार ने उन ड्रग्स को सम्मलित किया है, जिनका उपयोग मानव के लिए हनिकारक है. इन ड्रग्स का उपयोग जीवन बचाने के लिए किया जाता है, लेकिन इनका अधिक सेवन करने से नशा होता है. इसलिए इन्हें पूर्ण रूप से प्रतिबंधित नहीं किया गया है. इनका नियमन जरूरी है.

इस अधिनियम के तहत जो व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उनके लिए सजा का प्रावधान है. ड्रग्स की मात्रा के आधार पर सजा का प्रावधान है. अगर ड्रग्स की मात्रा 100 ग्राम से कम है तो 1 साल की जेल और 10,000 रूपये का जुर्माने का प्रावधान है.

अगर ड्रग्स की मात्रा 1 किलो से ज्यादा है तो 10 साल की जेल और 10 लाख तक का जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान है. रिया पर धारा 27A लगा है. इसके तहत 10 साल की सजा हो सकती है.

इस अधिनियम की धारा 31 A के के तहत एक बार सिद्धदोष ठहराए जाने के बाद पुनः उसी तरह का अपराध किया जाता है तो मृत्युदंड भी दिया जा सकता है. अधिनियम के तहत अपराधों का प्रयास, तैयारी, उत्प्रेरणा, षड़यंत्र, उपभोग और फाइनेंस को भी अपराध माना गया है.

बता दें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की छानबीन सीबीआई की टीम कर रही है. सीबीआई के साथ ईडी भी सुशांत मामले से जुड़े धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रही है. कुछ दिन पहले ही जांच के दौरान सुशांत केस में ड्रग्स कनेक्शन की संभावना जताई थी. रिया और शैविक का नाम इस ड्रग्स डीलिंग में सबसे ऊपर आया था. ईडी ने रिया चक्रवर्ती के कुछ वॉट्सएप चैट सीबीआई और नारकोटिक्स को सौंपे थे.

इस मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती, जया शाहा, श्रुति मोदी और गौरव आर्या के खिलाफ केस दर्ज किया था. सभी पर नशीली दवाओं और मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम (एनडीपीएस), 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया था.

सीबीआई ने रिया से पूछताछ में उनसे ड्रग्स लिंक को लेकर सवाल कर चुकी है. इसके साथ ही सुशांत और रिया के रिश्ते को लेकर सवाल किया था.

सुशांत केस में ड्रग्स कनेक्शन होने की बात बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी कही थी. उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत वाले दिन उनसे दुबई के ड्रग डीलर अयाश खान ने मुलाकात की थी.

सुब्रमण्यम स्वामी ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि 9 जुलाई को ही मैंने कह दिया था कि सुशांत की हत्या की गई है. इसकी जांच सीबीआई को करनी चाहिए. मुंबई पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है. इस मामले का दुबई कनेक्शन है. सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए. इसके साथ ही बाॅलीवुड पर भी निशाना साधा.

सुशांत सिंह के पिता के के सिंह ने रिया पर सुशांत की हत्या का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि रिया ने सुशांत को जहर देकर मारा है. जांच एजेंसियों को रिया और उनके सहयोगी को गिरफ्तार करना चाहिए.

सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने कहा कि उन्होंने एफआईआर में ड्रग्स की बात लिखवाई थी, लेकिन उन्हें लगा कि यह ड्रग्स सुशांत को डाॅक्टर्स के कहने पर दिया जाता रहा होगा.

आगे करते है “सुशांत को जो ड्रग्स दिए जा रहे थे, शायद उन्हें उसके बारे में पता ही नहीं रहा हो. इस वजह से भी सुशांत की मौत हुई हो. इन सभी बतों का पता लगाना जरुरी है.”

विकास सिंह ने बताया कि कुछ रिपोर्ट से यह पता चला है कि इस ड्रग्स पर प्रतिबंध लगा हुआ है. अगर यह सच है तो सुशांत की मौत आत्महत्या के लिए उकसाने से हुई है या फिर हत्या की गई है.