नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने किस कानून के तहत रिया के खिलाफ दर्ज किया केस?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवती, जया शाहा, श्रुति मोदी और गौरव आर्या के खिलाफ केस दर्ज किया है. सभी पर नशीली दवाओं और मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम (एनडीपीएस), 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

सीबीआई एक टीम रिया चक्रवर्ती से डीआरडीओ के गेस्ट हाउस में पूछताछ कर रही है
सीबीआई एक टीम रिया चक्रवर्ती से डीआरडीओ के गेस्ट हाउस में पूछताछ कर रही है

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की छानबीन सीबीआई की टीम कर रही है. सीबीआई रिया के भाई शौविक जक्रवर्ती से पूछताछ की है. इससे पहले सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी, स्टाफ दीपेश सावंत और सुशांत के कुक नीरज से पूछताछ कर चुकी है.

सीबीआई के साथ ईडी भी सुशांत मामले से जुड़े धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रही है. ईडी ने रिया चक्रवर्ती के कुछ वॉट्सएप चैट सीबीआई और नारकोटिक्स को सौंपे हैं. सुशांत केस में ड्रग्स कनेक्शन की संभावना जताई जा रही है. रिया का नाम इस ड्रग्स डीलिंग में आ रहा है.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवती, जया शाहा, श्रुति मोदी और गौरव आर्या के खिलाफ केस दर्ज किया है. सभी पर नशीली दवाओं और मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम (एनडीपीएस), 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

मामला दर्ज होने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम के मुंबई के लिए रवाना हो चुकी है. दिल्ली जोनल डायरेक्टर आईपीएस गौतम मल्होत्रा की टीम मामले की जांच करेगी.

नशीली दवाओं और मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम, 1985

कुछ ड्रग और पदार्थ ऐसे हैं जिनका उत्पादन और विक्रय ज़रूरी है. लेकिन उनका अनियमित उत्पादन तथा विक्रय नहीं किया जा सकता. इस तरह की दवाओं पर सरकार के कड़े प्रतिबंध होते हैं, क्योंकि ये पदार्थ अत्यधिक मात्रा में उपयोग में लाने से नशे में प्रयोग होने लगते हैं, जो मानव समाज के लिए बहुत बड़ी त्रासदी सिद्ध हो सकती है. इससे बचने के लिए सरकार ने यह कानून बनाया है.

अधिनियम के तहत सरकार ने नशीली दवाओं की सूची बनाई है. उसमें केंद्रीय सरकार ने उन ड्रग्स को सम्मलित किया है, जिनका उपयोग मानव के लिए हनिकारक है. इन ड्रग्स का उपयोग जीवन बचाने के लिए किया जाता है, लेकिन इनका अधिक सेवन करने से नशा होता है. इसलिए इन्हें पूर्ण रूप से प्रतिबंधित नहीं किया गया है. इनका नियमन जरूरी है.

इस अधिनियम के तहत जो व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उनके लिए सजा का प्रावधान है. इस अधिनियम की धारा 31 A के के तहत एक बार सिद्धदोष ठहराए जाने के बाद पुनः उसी तरह का अपराध किया जाता है तो मृत्युदंड भी दिया जा सकता है. अधिनियम के तहत अपराधों का प्रयास, तैयारी, उत्प्रेरणा, षड़यंत्र, उपभोग और फाइनेंस को भी अपराध माना गया है.
सुशांत के पिता के के सिंह : हत्यारिन है रिया
सुशांत सिंह के पिता के के सिंह ने रिया पर सुशांत की हत्या का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि रिया ने सुशांत को जहर देकर मारा है. जांच एजेंसियों को रिया और उनके सहयोगी को गिरफ्तार करना चाहिए.

सुब्रमण्यम स्वामी : सुशांत की हत्या की गई है

सुशांत केस में ड्रग्स कनेक्शन होने की बात बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी कही है. एक दिन पहले ही उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत वाले दिन उनसे दुबई के ड्रग डीलर अयाश खान ने मुलाकात की थी.

सुब्रमण्यम स्वामी ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि 9 जुलाई को ही मैंने कह दिया था कि सुशांत की हत्या की गई है. इसकी जांच सीबीआई को करनी चाहिए. मुंबई पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है. इस मामले का दुबई कनेक्शन है. सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए. इसके साथ ही बाॅलीवुड पर भी निशाना साधा.

सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने कहा कि उन्होंने एफआईआर में ड्रग्स की बात लिखवाई थी, लेकिन उन्हें लगा कि यह ड्रग्स सुशांत को डाॅक्टर्स के कहने पर दिया जाता रहा होगा.

आगे करते है “सुशांत को जो ड्रग्स दिए जा रहे थे, शायद उन्हें उसके बारे में पता ही नहीं रहा हो. इस वजह से भी सुशांत की मौत हुई हो. इन सभी बतों का पता लगाना जरुरी है.”

विकास सिंह ने बताया कि कुछ रिपोर्ट से यह पता चला है कि इस ड्रग्स पर प्रतिबंध लगा हुआ है. अगर यह सच है तो सुशांत की मौत आत्महत्या के लिए उकसाने से हुई है या फिर हत्या की गई है.

इस मामले में रिया चक्रवर्ती को हिरासत में लेकर पूछताछ हो सकती है. सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील विकास सिंह ने कहा कि रिया चक्रवर्ती इस मामले में मुख्य आरोपी हैं, इसलिए सीबीआई उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है.

पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई

जिन डाॅक्टरों ने सुशांत का पोस्टमाॅर्टम किया था, उन सभी डाॅक्टरों से पूछताछ जारी है. सुशांत की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ. सीबीआई के पूछताछ के दौरान सुशांत की अटाॅप्सी करने वाले एक डाॅक्टर ने बताया कि सुशांत का पोस्टमाॅर्टम जल्दीबाजी में किया गया. आगे बताया कि ऐसा मुबंई पुलिस के कहने पर किया गया था.

सुशांत की पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट को लेकर अब तक संदेह बना हुआ है. उनकी गर्दन के निशान को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. इसके अलावा पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में मौत का समय भी नहीं लिखा गया है. लापरवाही बरती गई है.

एप्सपर्ट्स का कहना है कि आत्महत्या में आंखें और जीभ बाहर आ जाती हैं, लेकिन सुशांत में ऐसा कुछ नहीं दिखा. उनके मुताबिक सुशांत की हत्या की गई है.

कुछ दिन पहले ही सुशांत केस के वकील विकास सिंह ने कल कहा था कि रिया चक्रवर्ती को आखिर किस हैसियत से मुंबई पुलिस ने पोस्टमार्टम से पहले शवगृह जाने की इजाजत दी थी. विकास सिंह ने सवाल उठाया है कि क्या रिया चक्रवर्ती वहां सुबूतों के साथ छेड़छाड़ करने गयीं थीं.

इसके अलावा रिया चक्रवर्ती और महेश भट्ट के व्हाट्‌सएप चैट पर भी सवाल उठाए हैं. रिया चक्रवर्ती ने कोर्ट में कहा था कि वह सुशांत से प्यार करती थी और उसके जाने के बाद उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है. लेकिन रिया और महेश भट्ट का जो व्हाट्‌सएप चैट लीक हुआ है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि रिया कोर्ट में झूठ बोल रही थीं. रिया और महेश भट्ट के बीच रिश्तों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

आपको बता दें, अभिनेता सुशांत सिंह की 14 जून को उनके मुंबई स्थित बांद्रा के अपार्टमेंट में मौत हो गई थी. इसकी जांच मुंबई पुलिस कर रही थी. अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंप दिया है. सीबीआई की टीम ने जांच भी शुरु कर दी है.

सुशांत के पिता के. के. सिंह ने रिया के खिलाफ बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. सुशांत के परिवार ने जो रिया चक्रवर्ती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया, उसके मद्देनजर ईडी यह कार्यवाई कर रही है. कुल 15 करोड़ रुपये के लेनदेन के मामले की जांच कर रही है.

अभिनेता की मौत से पहले सुशांत और रिया एक रिश्ते में थे. सुशांत के पिता ने रिया के खिलाफ कई आरोप लगाए थे, जिसमें उनके बेटे से पैसे लेना और मीडिया को उसकी मेडिकल रिपोर्ट का खुलासा करने की धमकी देना भी शामिल है. सुशांत के परिवार ने रिया पर सुशांत को उनसे दूर रखने का भी आरोप लगाया था.