कंगना रनौत को किस कानून के तहत मिलेगा मुआवजा?

मुंबई नगर निगम एक्ट, 1888 की धारा 351 के तहत किसी भी अवैध निर्माण को तोड़ने से पहले 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है.

Kangana Ranaut, Filmbibo
बाॅलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली के खिलाफ बांद्रा पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज किया गया है.

बाॅलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) बुधवार को मुंबई पहुंची. उनके पहुंचने से पहले ही बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने उनके ऑफिस को अवैध करार देते हुए तोड़ना शुरू कर दिया था. हालांकि कुछ देर के बाद बाॅम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई पर स्‍टे लगा दिया.

इसके साथ ही कंगना ने कोर्ट में मुआवजा के लिए याचिका दायर की है. आज कंगना की अपील की सुनवाई कोर्ट में 3 बजे है. इसमें बीएमसी को साबित करना होगा कि उनकी कारवाई सही थी.

कंगना लगातार महाराष्ट्र सरकार पर हमला कर रही हैं. शिवसेना की तरफ से संजय राउत पलटवार कर रहे हैं. अब बीएमसी ने सिविल कोर्ट में कंगना के खिलाफ एक और याचिका दायर की है. इस याचिका में कंगना के खार के घर के अवैध हिस्से को ध्वस्त करने की अनुमति मांगी है.

कंगना ने महाराष्ट्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार की काली करतूतों से मराठी संस्कृति को ठेस पहुंचा है. यह बात उन्होंने ट्वीट के जरिए कही है.

कंगना ट्वीट करते हुए लिखती हैं,

“मेरे कई दोस्त कल फोन पर रोए. कितनों ने मुझे सहायता देने हेतु संपर्क किए. कुछ लोग तो मेरे घर पर खाना भेज रहे थे, जो मैं सिक्यरिटी प्रोटोकाॅल के चलते स्वीकार नहीं कर पाई. महाराष्ट्र सरकार की इस काली करतूत से दुनिया में मराठी संस्कृति और गौरव को ठेस पहुंची है. ऐसा नहीं करना चाहिए था. जय महाराष्ट्र.”

कंगना ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा,

“महाराष्ट्र के लोग महाराष्ट्र सरकार की तरफ से की गई गुंडागर्दी की निंदा करते हैं. आगे लिखती हैं कि मुझे महाराष्ट्र में प्रेम और सम्मान दोनों मिलता है.”

क्या कहता है मुंबई नगर निगम एक्ट, 1888

साल 2019 की बात है. मुंबई नगर निगम बनाम सनबीम हाई टेक डेवलपर्स का मामला आया. इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि मुंबई नगर निगम एक्ट, 1888 की धारा 351 के तहत किसी भी अवैध निर्माण को तोड़ने से पहले 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है.

इसके साथ ही इस एक्ट के मुताबिक अगर किसी की संपत्ति गैर-कानूनी तरीके से तोड़ी गई है, तो बीएमसी को इसका मुआवजा चुकाना होगा.

क्या है पूरा मामला ?

अभिनेता सुशांत सिंह की 14 जून को उनके मुंबई स्थित बांद्रा के अपार्टमेंट में मौत हो गई थी. इसकी जांच मुंबई पुलिस कर रही थी. लेकिन मुंबई पुलिस सही से जांच नहीं कर पा रही थी, जिसके चलते केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपी. सीबीआई की टीम जांच कर रही है.

सीबीआई के साथ ईडी भी सुशांत मामले से जुड़े धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रही है. कुछ दिन पहले ही जांच के दौरान सुशांत केस में ड्रग्स कनेक्शन की संभावना जताई गई. रिया और शैविक का नाम इस ड्रग्स डीलिंग में सबसे ऊपर आया है.

इस मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती, जया शाहा, श्रुति मोदी और गौरव आर्या के खिलाफ केस दर्ज किया था. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीम ड्रग्स एंगल से जांच कर रही है.

इस केस में कंगना ने एनसीबी की मदद करने की बात कही. कंगना ने कहा कि वो बॉलीवुड के ड्रग लिंक का बारे में बहुत कुछ जानती हैं वो नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मदद करना चाहती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें पूरी सुरक्षा चाहिए.

इससे पहले कंगना, बाॅलीवुड के कुछ बड़े प्रोडक्शन हाउस और कुछ एक्टर-एक्ट्रेसेस पर जमकर निशाना साध चुकी हैं.

इसके अलावा उन्होंने इंसाइडर्स और आउटसाइडर्स को लेकर भी अपनी बातें लोगों के सामने रखी हैं. कंगना ने संजय राउत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने कंगना को मुंबई वापस न आने की धमकी दी है. इसके साथ ही कंगना ने कहा कि उन्हें अब मुंबई में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) जैसी फीलिंग आ रही है. यह बात कंगना ने ट्वीट के जरिए कही है.

इसके बाद कंगना ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा “मशहूर अभिनेता सुशांत की हत्या के बाद मैंने ड्रग और मूवी माफिया रैकेट के बारे में बात की. अब मुझे मुंबई पुलिस पर जरा भी भरोसा नहीं है, क्योंकि उन्होंने सुशांत की शिकायतों को नजरअंदाज किया. मुंबई पुलिस ने कहा था कि सुशांत ने आत्महत्या की है, जबकि सच्चाई यह है कि सुशांत की हत्या की गई है.”

आगे लिखती हैं “अगर मैं असुरक्षित महसूस करती हूं, इसका यह मतलब थोड़ी है कि मुझे बाॅलीवुड इंडस्ट्री और मुंबई से नफरत है.”

इस पर संजय राउत ने कहा कि कंगना को मुंबई वापस नहीं आना चाहिए. महाराष्ट्र सरकार ने भी संजय की इस बात का समर्थन किया. महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि जो लोग मुंबई में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, उन्हें मुंबई में नहीं रहना चाहिए.

संजय राउत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मुंबई किसी के बाप का नहीं है. महाराष्ट्र के दुश्मन को ऐसे नहीं छोड़ा जाएगा. सजा जरूर मिलेगी.

कंगना ने संजय राउत पर पलटवार करते हुए कहा कि महाराष्ट्र किसी के बाप नहीं है. महाराष्ट्र उसी का है जिसने मराठी गौरव को प्रतिष्ठित किया है. मैं मराठा हूं, मेरा जो उखाड़ना है उखाड़ लो.

कंगना ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा कि किसी की औकात नहीं है कि मराठी प्राइड पर फिल्म बनाए. मैंने इस्लाम डाॅमिनेट इंडस्ट्री में अपनी जान और करियर को दाव पर लगाई. शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मीबाई पर फिल्म बनाई.

इसके बाद संजय राउत ने कंगना रनौत के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया. ‘हरामखोर लड़की’ कह दिया. इससे बवाल मच गया.

कंगना कहती हैं “संजय राउत जी आपने कहा कि मैं एक हरामखोर लड़की हूं. आप एक सरकारी मुलाजिम हैं. आप तो जानते ही हैं कि इस देश में हर दिन लड़कियों का बलात्कार और शौषण हो रहा है.”

आगे कहा कि लड़कियों को गाली दिया जाता है. एसिड फेंका जाता है. पति भी पत्नी पर अत्याचार कर रहे हैं. इसका जिम्मेदार समाज की मानसिकता है. इस देश की बेटियां संजय राउत को कभी माफ नहीं करेंगी.

वो कहती हैं “जब आमिर खान ने कहा था कि उन्हें इस देश में डर लगता है, तब किसी ने क्यों कुछ नहीं कहा. जब नसीरुद्दीन ने देश के खिलाफ बयान दिया, तब किसी ने उन्हें हरामखोर क्यों नहीं कहा?”

इसके बाद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की प्रोडक्शन कंपनी पर बीएमसी (BMC) छापा मारा और फिर तोड़ना शुरु कर दिया. इसका उन्हें नोटिस तक नहीं दिया गया है.