फिल्म उद्योग में करियर की संभावनाएं: पाठ्यक्रम, कॉलेज, नौकरियां और वेतन

फिल्म उद्योग में सभी लोग परदे पर आकर जौहर नहीं दिखाते. एक बार तकनीकी रूप से दक्ष हो गए तो फिल्मों में आप जम सकते हैं

फिल्म उद्योग में योग्य लोगों को काम की कमी नहीं रहती
फिल्म उद्योग में योग्य लोगों को काम की कमी नहीं रहती

फिल्मी दुनिया ने दशकों से भारत भर के युवाओं को ध्यान अपनी तरफ खींचा है. लोग घर-बार छोड़कर इस दुनिया में नाम कमाने, रुतबा हासिल करने या सितारा बनने आते रहे हैं.

कुछ ने शोहरत हासिल भी कर ली. कुछ अंधेरे में खो गए. वजह थी कि उन्हें एक तो मार्गदर्शन नहीं मिला, दूसरा, फिल्म उद्योग में सब कुछ बहुत ऑर्गेनाइज्ड नहीं है. पर, अब यह कई तरह के पाठ्यक्रम और बहुत सारे कॉलेज हैं, जहां फिल्म उद्योग से जुड़े कोर्सेस कराए जाते हैं. फिल्म उद्योग में सभी लोग परदे पर आकर जौहर नहीं दिखाते यह तो आपको भी पता ही होगा.

अधिकतर लोग परदे के पीछे रहकर काम करते हैं. पर एक बार आपने जगह बना ली, तो फिर फिल्म उद्योग में सिद्धहस्त और कुशल लोगों की मांग बहुत होती है.

योग्यताएं और कौशल

तकनीकी कोर्सेस में 10+2 तक की पढ़ाई की जरूरत होती है, अन्यों में ग्रेजुएशन की. और यह ध्यान रखिए कि हर कोर्स में एप्टीट्यूड टेस्ट जरूर होगा. पढ़ाई के लिए डिप्लोमा, डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्से हैं और यह हर फिल्म निर्माण के हर क्षेत्र में उपलब्ध हैं. चाहे वह निर्देशन हो, सिनेमैटोग्राफी हो, एनिमेशन, एक्टिंग, फोटोग्राफी कुछ भी हो. इनसे जुड़े स्किल्स में आपको चाहिएः

-टीम में काम करने की योग्यता

-जिम्मेदारी से काम करने की योग्यता

-कम्युनिकेशन स्किल्स बेहतर होना

-काम करवाने की योग्यता (एडमिनिस्ट्रेटिव स्किल)

-देर तक और लगातार काम करने का जुनून

-विजुअल सेंस

कुल मिलाकर अगर फिल्मों से जुड़ा और उसमें काम करने का जुनून हो, सुबह-शाम उठते बैठते, फिल्में सोचते हैं, फिल्म ही खाते और फिल्म ही गाते हैं, आपको तभी इस फील्ड में जाना चाहिए, वरना, मां-बाप का पैसा डुबाने के लिए शौकिया इधर आने का नहीं.

आपको नौकरी कहां मिल सकती है?

-फिल्म स्टूडियो

-विज्ञापन एजेंसियां

-सरकारी विभाग

-प्रोडक्शन हाउस

-अपनी स्किल्स को मांजकर खुद ही निर्माण करना

अगली पोस्ट में बताएंगे कि कौन-कौन से काम हैं जो आपको फिल्म उद्योग में मिल सकते हैं.