Cargo (2020) Review: निर्देशक आरती कड़ाव की प्रतिभा के कायल हो जाएंगे, विक्रांत मैसी और श्वेता त्रिपाठी का शानदार अभिनय

cargo-vikrant Vikrant Massey

हम सभी के जीवन में कभी न कभी ये सवाल जरूर मन में आता है की मृत्यु के बाद इंसान के साथ क्या होता है। क्या स्वर्ग और नर्क जैसी कोई जगह है, जहाँ चित्रगुप्त इंसानी कर्मो का लेखाजोखा रखते हैं। यमराज आपको दंड देते हैं। यमदूत खौलते तेल में जलाते हैं। इन्हीं प्रश्नों का उत्तर देती है फिल्म कार्गो।

कार्गो की शुरुआत होती है 2027 में, अब राक्षसों और इंसानों के बीच शांति समझौता हो चुका है। इंसान मृत्यु के पश्चात् अंतरिक्ष में जाते हैं, जहाँ कोई स्वर्ग नर्क नहीं एक अंतरिक्ष यान है। यहाँ इंसानो की मुलाक़ात होती है राक्षस प्रहस्थ से जो प्राचीनकाल में रावण का सेनापति था,और वर्त्तमान में कार्गो में इंसानो के जीवन का हिसाब किताब देखता है, इन इंसानो की यादों को, बीमारियों को पूरी तरह से मिटा देता है और उनको पुनः धरती पर वापिस भेजता है जिसे हम पुनर्जन्म कहते हैं।

प्रहस्थ का जीवन नीरस और बेजान है। इनके अकेलेपन से ग्रसित जीवन में तब एक रोमांचक मोड़ आता है जब नई सोच की चुलबुली लड़की युविस्का शेखर इनकी सहायिका बन कर आती है। ये प्रहस्ता को बदलने की पूरी कोशिश करती है। युविस्का के पास एक अनोखी शक्ति भी है जिससे वो सबका दिल जीत लेती है।

फिल्म का पहला भाग बहुत कसा हुआ है वही दूसरे भाग में थोड़ी देर के लिए ढीलापन आ जाता है जब प्रहस्ता और युविस्का की प्रेम कहानी से विषयांतर हो जाता है, पर जल्द ही फ़िल्म ट्रैक पर वापसी भी कर लेती है. इस कहानी में साइंस की छोटी-छोटी बारीकियों पर भी बखूबी ध्यान दिया गया है जिससे यह बोझिल नहीं लगती।

अंतरिक्ष में आनेवाले वाले सभी यात्रियों की याद्दाश्त क्या सच में मिटा दी जाती है? क्या शरीर बदलने से याद भी बदल जाती है? क्या मृत्यु ही अंतिम सच है या कुछ और भी है जो हमे जानना है. इन सभी सवालों के जवाब आपको ये फिल्म देने की कोशिश करती है।

करीब दो घंटे की यह फिल्म आपको बांधे रखती है। मौत की इतनी साधारण व्याख्या शायद ही कहीं और मिले। विक्रांत मैसी और श्वेता त्रिपाठी ने प्रहस्ता और युविस्का के किरदार को पूरी तरह जिया है। फिल्म देखते समय आप इनकी असली पहचान भूल जायेंगे। इनकी आपसी नोक-झोंक प्यार हास्य के सभी दृश्य सहज लगते हैं।

राइटर और डायरेक्टर के तौर पर आरती कड़ाव की यह पहली फ़ीचर फिल्म है और इस फिल्म से ही आप उनकी प्रतिभा के कायल हो जायेंगे। अगर आप कुछ अलग देखना देखना चाहते है तो ये फिल्म आपके लिए है।