Drishyam 2 Review: जीतू जोसफ और मोहनलाल की मास्टरपीस दृश्यम 2 जरूर देखें

दृश्यम सबसे पहले मलयालम में बनी। इसमें मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभायी। इस फिल्म को कई अन्य भाषाओं में रीमेक किया गया और सभी में यह हिट रही। हिन्दी वाली दृश्यम में अजय देवगन ने मुख्य भूमिका की थी। तमिल दृश्यम में कमल हासन ने मुख्य भूमिका की थी। दृश्यम 2 में भी मोहनलाल समेत सभी मुख्य पात्र वही हैं जो मूल मलयालम दृश्यम में थे।

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दृश्यम 2 में भी मोहनलाल मुख्य भूमिका में है।

अद्भुत जी हाँ अद्भुत। यही एक शब्द आपके दिलोदिमाग में आएगा दृश्यम २ को देखने के बाद।
अमेजन प्राइम पर रिलीज हुयी यह मलयालम सस्पेंस थ्रिलर फिल्म आपको अचंभित कर देगी।
दृश्यम 2 साल 2013 में आयी मोहनलाल द्वारा अभिनीत और जीतू जोसेफ द्वारा लिखित और डायरेक्ट की गयी दृश्यम का सीक्वल है।
जब भी हम किसी भी फिल्म के सीक्वल को देखते है तो उनमें से ज़्यादातर फिल्में देखने लायक नहीं होतीं।
सिर्फ पहली फिल्म के हिट हो जाने के बाद पैसा बनाने के उद्देश्य से की गयी बकवास साबित होती हैं।
दृश्यम २ के सीक्वल के बारे में जब सुना तो ऐसा लगा कि क्या जरूरत थी ऐसा करने की, दृश्यम अपने आप में एक सम्पूर्ण फिल्म थी।
दृश्यम की सफलता का अंदाजा हम इसी बात से लगा सकते है कि इसका रीमेक अलग-अलग भाषाओ में कई बड़े सितारों ने किया जिनमें कमल हासन, रवीन्द्रन, वेंकटेश और अजय देवगन जैसे नाम शामिल हैं। सभी भाषाओं में यह सफल भी रही।

इंग्लिश सब-टाइटल के साथ भी लाजवाब है दृश्यम 2
अगर आपने मलयालम की दृश्यम नहीं देखी है और मलयालम नहीं आती है तो चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।
अगर आपको इंग्लिश सबटाइटल के साथ फिल्म देखने में कोई दिक्कत नहीं तो आप मलयालम वाली दृश्यम देख सकते हैं।
फिल्म की कहानी बेहतरीन है। फिल्म की शुरुआत दृश्यम की कहानी जहाँ खत्म हुयी थी उसके छह साल बाद से शुरू होती है।
फिल्म से जुड़ाव इस कारण भी होता की सभी पात्र वही हैं और उन्हीं लोगों को इस फिल्म में भी लिया गया है, जॉर्ज कुट्टी उनकी पत्नी रानी बड़ी बेटी अंजू और छोटी बेटी अनु।
दृश्यम में हमने देखा था कि कैसे अंत में जॉर्ज कुट्टी ने अपने परिवार को एक ऐसे हत्या के गुनाह की सजा पाने से बचा लिया था जो अंजू से अनजाने में हुयी थी।
मरने वाला वरुण की माँ एक पुलिस अधिकारी और पिता बड़े बिजनेसमैन थे।

अपराध और अपराधी की मनोवृत्ति

जब हम कोई अपराध करते हैं और उससे बच निकलते है तो क्या जीवन आसान होता है तो उत्तर है नहीं, कई सवाल होते हैं जिनको इस फिल्म में दिखाया गया है।
हमेशा अपराधी के मन में ये डर होता है कि कहीं हम पकड़े न जायें। कहीं भी कोई छोटी सी भूल हो और पुलिस हम तक न पहुंच जाये।
अगर पुलिस ने पकड़ा तो हमारा अपने बचाव में अगला कदम क्या होगा, क्या बच पाएंगे या सजा मिलेगी।
आगे की कहानी यह है की जॉर्ज ने मेहनत करके अब अपना थियेटर खोल लिया है और कुछ पैसे भी जोड़ लिए हैं जिनसे वो खुद की एक फिल्म भी बनाना चाहता है।
रानी हर वक्त डरी सहमी रहती है कि कहीं उनलोगों का भेद न खुल जाये।
वो अंजू के भविष्य को लेकर चिंतित रहती है, अंजू पर उस घटना का बहुत बुरा प्रभाव हुआ है उसको दौरे पड़ते हैं।
पुलिस सायरन सुनते ही अंजू की तबीयत खराब हो जाती है, छोटी बेटी अनु एक बड़े स्कूल में पढ़ती है और और मॉडर्न सोच रखती है जिससे रानी और अनु के बिच मनमुटाव होता रहता है।

कहानी में ट्विस्ट

जॉर्ज फिल्म बनाने के लिए एक बुजुर्ग आदमी से मिलता रहता है और उसको कहानी को लेकर बहस करता रहता है, जॉर्ज ने एक और दोस्त बनाया है जिसके साथ वो रात भर शराब पीता है।
पुलिस अभी जोगे और उसकी फैमिली पर नजर रखती है कि किसी भी तरह वो वरुण की लाश का पता लगा सके, रानी की एक पड़ोसी दीपा है जिसको उसका पति मरता पीटता है, जिसका विरोध करने पर रानी और जॉर्ज से वह नाराज रहता है।
रानी की वो पड़ोसी उससे मिलती रहती है और उसको बताती है की गांव में अंजू और वरुण को लेकर कैसी अफवाहें उड़ाई जाती हैं।
शुरू के एक घंटे में इन सारी घटनाओं को दिखाया गया है जिसे देख कर पहले तो ऐसा लगता है कि ये सब क्या है इतने धीमी गति से और ये फैमिली ड्रामा देखने के लिए ये फिल्म बनाई गयी है।
तभी अचानक कहानी में एक दिलचस्प मोड़ आता है। फिर आगे की कहानी अगर आपको बता दी तो ये अन्याय होगा।
जो दृश्य फिल्म के शुरू में बोझिल लगते हैं वही दृश्य हमें फिल्म के अंतिम भाग को देखते समय पता चलता है कि इनका सिरा एक दूसरे से जुड़ा हुआ ही नहीं बल्कि मजबूती से बंधा भी है।

मास्टरपीस क्लाइमेक्स

फिल्म का अंतिम आधा घंटा तो इतना रोमांचक और अविश्वसनीय है कि आप दूर-दूर तक अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि ऐसा हो सकता है।
मेरी राय मानें तो यह फिल्म आप जरूर देखें। वैसे उम्मीद है जल्द अजय देवगन भी इसके रीमेक की घोषणा कर देंगे पर  मास्टरपीस सामने है तो हिंदी दृश्यम २ की प्रतीक्षा क्यों करनी।
फिल्म की कहानी ,निर्देशन ,संगीत और अभिनय सब उम्दा हैं। इससे बढ़िया और बेहतर  कुछ और नहीं हो सकता है।
यह एक ऐसी फिल्म है जिसके प्रशंसा में शब्द कम पड़ रहे हैं। आप इस फिल्म को खुद देखिये और आश्चर्य मिश्रित आनंद को प्राप्त कीजिये।