स्नेहा वाघ ने हिन्दी के धारावाहिक ‘ज्योती’ के लिए सीखी थी हिन्दी जिसे अब री टेलिकास्ट किया जाएगा

इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आप किस इंडस्ट्री में काम करते हैं, मेहनत और लगन ही सफलता की कूंजी है। अभिनेत्री स्नेहा वाघ ने अपने टेलीविसन के करियर के बारे में बताते हुए यह कहा।

स्नेहा वाघ एनडीटीवी इमेजीन के एक धारावाहिक ‘ज्योती’ (2009) में शुरू हुई थी उसमें ज्योती के किरदार में दिखी थीं। इसे अब दुबारा दंगल चैनल पर प्रसारित किया जाएगा।

स्नेहा वाघ मराठी मनोरंजन उद्योग से आई थीं। उन्होंने अपने उस सफ़र को याद करते हुए कहा कि हिन्दी के शब्दों के उच्चारण सीखना उनके लिए कितना बड़ा चैलेंज था।

स्नेहा वाघ ने कहा कि ”मेरे लिए सबसे बड़ी परेशानी हिन्दी भाषा रही। मैं एक कोंवेंट स्कूल और मराठी उद्योग से आई थी। इसलिए मुझे इस भाषा को अनुकूल बनाने में परेशानी हुई।”

ऐसा सफ़र ही क्या जिसमें मुश्किलें न हो और उसे पार करने कि प्रतिबद्धता न हो, स्नेहा ने कहा ” उन्हें हिन्दी के शब्दों के उच्चारन सीखने के लिए बहुत ट्रेनिंग लेनी पड़ी। क्योंकि ये मेरा पहला हिन्दी शो था। यदि आप किसी निश्चित शब्द का उच्चारण नहीं कर पाते हैं तो उस शब्द के भाव ख़त्म हो जाते हैं। ज्योती मानवीय संवेदनाओं से भरा किरदार था जिसके लिए इसे बनाए रखना ज़रूरी था। शो के निर्माता बहुत सक्ति से पेश आते थे ताकि मैं इसे सीख लूँ। मेरी हिन्दी आधुनिक मुंबईया हिन्दी थी।”

‘ज्योती’ एक ऐसी लकड़ी की कहानी थी जो अपने लिए नहीं बल्कि अपने परिवार के लिए जीती थी। पिता अपाहिज थे और कंधे पर एक भाई और दो बहनों के साथ-साथ माँ और दादी की भी ज़िम्मेदारी उठाने वाली ज्योती को उस वक़्त बहुत पसंद किया गया था। यह शो 2010 तक ही चला था।