दिल बेचारा रिव्यू: एक था राजा एक थी रानी, दोनों मर गये ख़त्म कहानी

सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘दिल बेचारा’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गई है। सुशांत के चाहने वाले उन्हें नम आंखों से याद कर रहे हैं। रिलीज होने के साथ ही ये फिल्म छा गई और सोशल मीडिया पर जमकर ट्रेंड करने लगी। दर्शकों ने ‘दिल बेचारा’ को ब्लॉकबस्टर फिल्म बताया है और IMDB पर भी ‘दिल बेचारा’ को जबरदस्त रेटिंग दी गई है।

बता दें फिल्म रिव्यू वेबसाइट IMDB पर ‘दिल बेचारा’ को 9.9 रेटिंग दी गई है। हालांकि, 11.25 मिनट तक IMDB पर इस फिल्म की रेटिंग 10/10 हो गई थी। ‘दिल बेचारा’ एक सुपरहिट फिल्म है। सुशांत का अभिनय हर किसी को पसंद आ रहा है।

एक नजर फिल्म की ओर

‘एक था राजा एक थी रानी दोनों मर गए खत्म कहानी’ ये है फिल्म ‘दिल बेचारा’ का डायलॅाग और फिल्म की कहानी इसी के इर्द गिर्द घूमती है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के पूरे डेढ़ महीने बाद उनकी आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ को OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज कर दी गई है। सुशांत के फैन्स को उनकी आखिरी फिल्म पसंद आ रही। सुशांत फिल्म की जान है, फिल्म का थीम दर्द भरा है। कल हो ना हो, आनंद और अंखियों के झरोखे से जैसी फिल्मों के इमोशन मे जो झलक देखने को मिली थी वो आप को इस फिल्म में देखने को मिलेगी।

फिल्म का थीम है मौत और प्यार और सुशांत ने इस फिल्म में मौत के लड़ने के कई फलसफे बताए हैं।
सुशांत ने फिल्म में इम्मानुअल राजकुमार जूनियर की भूमिका में नजर आ रहे हैं जो मस्तमौला है। सुशांत ने मैनी नाम के युवा लड़के का किरदार निभाया है जो एक दिव्यांग होते हुए भी जिंदगी खुल के जीता है और उसकी मुलाकात होती है थाइरॉयड कैंसर से जूझ रही बंगाली लड़की कीजी बासु से। कीजी हमेशा एक ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर साथ चलती है, और जिंदगी में हमेशा दुखी रहती है। जब दुखी कीजी खुशनुमा मैनी से मिलती है को बदल जाती है उसकी जिंदगी।

मौत से लड़ते-लड़ते कीजी और मैनी दोनों करीब आ जाते हैं। कीजी के हर सपने को पूरा करने की मैनी पूरी कोशिश करता है पर आखिर में खुद जिंदगी से खुशी-खुशी लड़ते हुए चला जाता है। लेकिन मरते कीजी को जीवन में प्यार देकर खुश रहने का मंत्र दे जाता है। और वो मंत्र है
बतादें कि ये फिल्म मशहूर नॉवेलिस्ट जॉन ग्रीन की किताब ‘दा फाल्ट इन आवर स्टार्स’ पर आधारित है। जिस पर दो साल पहले एक अंग्रेजी फिल्म भी बन चुकी है।

फिल्म में क्यूट लग रही है सुशांत और संजना की केमिस्ट्री

फिल्म का मुख्य आकर्षण है सुशांत और संजना की केमिस्ट्री। संजना ने कीजी बासु के किरदार को खूबसूरती से निभाया है। फिल्म में दोनो के बीच ढेर सारे क्यूट मोमेंट्स हैं जो दर्शकों को अच्छे लगेंगे। सुशांत ने छिछोरे और धोनी के बाद एक और मंजी हुई परफॉर्मेंस दी है।

फिल्म कि लोकेशंस कि बात करे तो जमशेदपुर और पेरिस के लोकेशंस फिल्म में काफी अच्छे लग रहे है। फिल्म को शुद्ध देसी और आज के जमाने का बनाया गया है।

सुशांत और संजना के अलावा फिल्म में बांग्ला फिल्मों के कलाकार स्वास्तिक मुखर्जी, शाश्वता, साहिल वेद ने भी अपने किरदारों को खूबसूरती से निभाया है। सैफ अली खान का रोल फिल्म में खास है। फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में मशहूर मुकेश छाबड़ा ने फिल्म में पूरी कोशिश की है किरदारों के इमोशंस को अच्छे से परोसा जाए कुल मिलाकर सुशांत की आखिरी फिल्म के रूप में यादगार रहेगी ‘दिल बेचारा’। फिल्म में ए आर रहमान का संगीत मधुर है और कहानी को सूट करता है।