सोनू सूद: खलनायक नहीं नायक हूँ मैं

हाल ही में सोनू सूद से ट्विटर पर एक बच्चे ने PS4 वीडियो गेम की मांग की, जिसके जवाब में सोनू सूद ने बच्चे को पढ़ने के लिए कहा और किताबों की पेशकश की.

फिल्मों में किरदार के आधार पर हमारे मन में अभिनेता की छवि बनने लगती है लेकिन इस पद्धति को तोड़ा है अभिनेता सोनू सूद ने, भारत में कोरोना आने के बाद जब लॉकडाउन लगा तो सब खुद को बचाने के लिए अपने घरों में छुपे बैठे थे उस वक्त हजारों-लाखों की तादाद में मजदूर सड़कों पर पैदल चल अपने घर जाने की जद्दोजहद में लगे थे.

“घर पैदल मत जाना” कहा सोनू सूद ने, तब सरकार ने मजदूरों को उनके हाल पर छोड़, राजनीति का साथ दिया लेकिन सोनू सूद ने उनके लिए बसों की व्यवस्था कर उन्हें उनके घर भेजने का कार्य शुरू कर दिया. लॉकडाउन में जब छूट मिली तो हवाई जहाज की टिकट करा मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाया. यह कार्य लॉकडाउन की शुरुआत से अब तक जारी है. लोगों ने अपनी परेशानी सोनू सूद से ट्विटर पर साझा की और सूद ने तुरंत जवाब देते हुए लोगों की मदद की.

सोनू सूद मिसाल है कि अगर आपके अंदर जज़्बा हो तो आप जरूरतमंद की मदद किसी भी परिस्थिति में कर सकते हैं. लोगों ने सोनू सूद को रियल लाइफ हीरो कहना शुरू कर दिया है. वो हीरो जैसे काम भी कर रहे हैं उन्होंने ना सिर्फ आंध्र प्रदेश के गरीब के घर ट्रैक्टर भिजवाया बल्कि तेलंगाना के तीन अनाथ बच्चों को गोद भी लिया, वहीं पंजाब के चार अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी भी उन्होंने ली है. सोनू सूद ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की बात भी कही है. प्रवासी रोज़गार की शुरूआत: जहां लोग दो रोटी गरीब को देने से कतराते हैं ऐसे में सोनू सूद ने लोगों की दुनिया बदल दी है. सोनू सूद ने प्रवासी रोजगार प्लेटफार्म की शुरुआत की है जिससे एक से डेढ़ करोड़ लोग जुड़ेंगे और उससे धीरे-धीरे उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाएगा.

ट्विटर पर एक भाई ने अपनी बहन की पढ़ाई के लिए मदद की गुहार की सोनू सूद ने तुरंत मदद की पेशकश कर दी, कोविड-19 मरीज के लिए इंजेक्शन उपलब्ध नहीं था, एक बार ट्वीट के बाद ही सोनू सूद ने पीड़ित के लिए इंजेक्शन उपलब्ध करवाया, AIIMS में बेड उपलब्ध कराने से लेकर उन्होंने बरसात में टूटे घर की मरम्मत तक का जिम्मा खुद लिया, सोनू सूद हर संभव मदद जरूरतमंदों की कर रहे हैं. भारत में पैसे वालों की कमी नहीं है लेकिन सबने मजदूरों के दर्द पर सिर्फ संवेदनाएं शब्दों के माध्यम से प्रकट की लेकिन मजदूरों के घाव भरने का काम सोनू सूद करते आ रहे हैं. सोनू सूद गरीबों का मसीहा बन चुके हैं. कहते हैं मुश्किल वक्त में इंसान की परख हो जाती है और इस संकट की घड़ी ने हमारे सामने सोनू सूद जैसा एक सच्चा इंसान पेश किया है.

सोनू सूद की लोगों की मदद को लेकर जो निष्ठा है, उसे देखते हुए तमाम मीम वायरल हुए हैं. लोगों ने यह तक कहना शुरू कर दिया है कि वैज्ञानिक जल्दी वैक्सीन बनाएं वरना वह भी सोनू सूद बना देंगे. सोनू सूद के ट्विटर पर कुछ जवाब भी वायरल हुए हैं, ट्विटर पर एक व्यक्ति लिखता है “मैं अपने घर पर फंसा हुआ हूं मुझे ठेके तक पहुंचा दो”, सोनू सूद जवाब में लिखते हैं, ” भाई मैं ठेके से घर तक तो पहुंचा सकता हूं, जरूरत पड़े तो बोल देना”. वही एक और व्यक्ति ट्विटर पर लिखता है, ” भैया एक बार गर्लफ्रेंड से ही मिलवा दीजिए, बिहार ही जाना है”. सोनू सूद जवाब देते हैं “थोड़ी देर दूर रह कर देख ले भाई… सच्चे प्यार की परीक्षा भी हो जाएगी”.

वही हाल ही में सोनू सूद से ट्विटर पर एक बच्चे ने PS4 वीडियो गेम की मांग की, जिसके जवाब में सोनू सूद ने बच्चे को पढ़ने के लिए कहा और किताबों की पेशकश की. सोनू सूद ने हमारी सरकारों के एमएलए-एमपी से ज्यादा काम इन गुजरे महीनों में गरीबों की मदद के द्वारा कर दिया है. वही यह सवाल भी उठता है कि हमें कैसा बनने की जरूरत है और हमारी सरकार को कैसा होना चाहिए? सोनू सूद ने अभी हाल ही में यह निवेदन भी किया है कि अपने पास के अस्पताल में किसी एक जरूरतमंद मरीज का खर्चा लोग उठाएं, जिससे आधे कष्टों का अंत खुद ब खुद हो जाएगा. अभिनेता सोनू सूद सरकारों व अथाह संपत्ति वालों तथा हम सबके लिए प्रेरणा स्त्रोत है.